1st Bihar Published by: 9 Updated Aug 09, 2019, 7:54:51 PM
- फ़ोटो
PATNA: पटना हाईकोर्ट ने पीएमसीएच में सालों से बन्द पड़े या फिर खराब हुए वेंटिलेटर और डायलिसिस मशीनों की हालत पर नाराजगी जाहिर की है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से सूबे के तमाम सरकारी अस्पतालों में मौजूद डायलिसिस मशीन और वेंटिलेटर मशीनों का स्टेटस रिपोर्ट मांगा है. जस्टिस ज्योति शरण और जस्टिस पार्थ सारथी की खण्डपीठ ने विकास चन्द्र की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पीएमसीएच अधीक्षक और स्वास्थ्य विभाग से इस बात की भी सफाई मांगी है कि सालों पहले खरीदे गए वेंटिलेटर अब तक इस्तेमाल में क्यों नही लाये जा सके? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता विकास चंद्र ने खुद से बहस करते हुए खण्डपीठ को बताया कि पीएमसीएच में 90 वेंटिलेटर में महज 19 ही चालू हैं. सालों पहले खरीदे गए 8 वेंटिलेटर मशीनों में 3 तो बक्से में बंद जस के तस पड़े हुए हैं. जबकि बाकि को वहां के शिशु रोग विभाग में लगाया गया है जिसमें आधे खराब हो चुके हैं. यही हाल कमोबेश डायलिसिस मशीनों का है. राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता की सहायक वकील पल्लवी प्राची ने कोर्ट को बताया कि बन्द पड़े उपकरणों को जल्द चालू किया जा रहा है और खराब मशीनों को ठीक कर उन्हें काम में लगाया जा रहा है. इसपर हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को यह भी निर्देश दिया कि इन जीवन रक्षक उपकरणों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए. अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 अगस्त को होगी.