Hello..मैं DG ऑफिस से बोल रहा हूं..मंत्री के बेटे के साथ हो गया बड़ा कांड..बेटी को बचाना चाहते हो तो 35 हजार भेजो

Hello..मैं DG ऑफिस से बोल रहा हूं..मंत्री के बेटे के साथ हो गया बड़ा कांड..बेटी को बचाना चाहते हो तो 35 हजार भेजो

JAMUI: बिहार में साइबर क्राइम की घटना दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। कभी साइबर ठग बिजली ऑफिस का एसडीओ बनकर फोन लोगों को चूना लगाता है तो कभी पैन कार्ड और बैंक अकाउंट को आधार से लिंक कराने के नाम पर ठगी करता है। लोगों को डराया जाता है कि यदि आधार से लिंक नहीं किये तो पैन कार्ड और बैंक अकाउंट बंद हो जाएगा। कभी-कभी तो क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगी की जाती है और ओटीपी भेजकर अकाउंट को खाली कर देते हैं। जिसके बाद लोगों को एहसास होता है कि वो साइबर फ्रॉड के शिकार हो गये हैं। साइबर अपराधी आए दिन लोगों को ठगने के लिए नई नई तरकीब इजात करता है। जमुई में इस बार एक दंपती को साइबर अपराधियों ने अपना निशाना बनाया है। 


जमुई के झाझा में  अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने दंपति को फोन कर बताया कि वह डीजी ऑफिस से बोल रहा है। उनकी बेटी की सहेली ने किसी मंत्री के बेटे के साथ गलत काम किया है। जिसमें उनकी बेटी भी शामिल है। उनकी बेटी को उल्टा लटकाया गया है उसका मर्डर कर देंगे। अभी उनकी बेटी उनके पास है और उसके मोबाइल को भी जब्त कर लिया गया है। यदि बेटी की जान बचाना चाहते हो तो मेरे अकाउंट में तुरंत 35 हजार रूपये भेज दो। पैसा नहीं भेजे तो तुम्हारी बेटी को मार डालेंगे। बाद में बेटी को बचाने के लिए 5 लाख रुपए खर्च करना पड़ेगा। अभी 35 हजार में मामला फरिया जाएगा। यदि बेटी को बचा सकते हो तो बचा लो। 


इस कॉल के बाद परिजन परेशान हो गये। पीड़ित दंपती ने इस बात की जानकारी अपनी बड़ी बेटी को दी। जिसके बाद बड़ी बेटी ने उस नंबर पर 25 हजार रुपये ऑन लाइन ट्रांजेक्शन कर दिया। पीड़ित दंपती ने जब अपनी छोटी बेटी को फोन किया तो तब जो कुछ पता चला परिजन भी हैरान रह गये। उनको मालूम चल गया कि वो ठगी के शिकार हो गये हैं। छोटी बेटी ने बताया कि ऐसा कोई मामला नहीं है ना ही वह कही किसी मामले में फंसी थी और ना ही उसे कोई उल्टा लटकाकर रखा था। उसका मोबाइल भी उसके पास था।


दंपती ने एक गलती कर दी वो यह कि बड़ी बेटी को फोन ना करके जिस बेटी की चर्चा साइबर ठग कर रहा था कम से कम उससे फोन पर बात कर लेते। पैसा ट्रांसफर करने से पहले यदि दंपती अपनी छोटी बेटी से बात करते तो ठगी का शिकार होने से बच जाते। उनकी एक गलती के कारण 25 हजार रूपये गंवाना पड़ गया। पीड़ित दंपती को यह एहसास हो गया कि वो ठगी के शिकार हो गये हैं। जिस नंबर से फोन आया था उस पर दोबारा फोन लगाने पर नहीं लग रहा है। 


पीड़ित दंपति ने जमुई साइबर थाने में इसकी शिकायत दर्ज करायी है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गयी है। साइबर ठगी का मामला जमुई के झाझा थाना क्षेत्र के पिपराडीह का है। व्यवसायी किशोर कुमार और उनकी पत्नी सुनीता कुमारी को साइबर अपराधियों ने अपना शिकार बनाया है। किशोर कुमार ने बताया कि उनकी बेटी बाहर रहकर पढ़ाई करती है। ऐसे में उन्हें अपनी बेटी की चिंता सताने लगी। बेटी की चिंता और लोकलाज के डर से उन्होंने साइबर ठगों को 25 हजार रुपया फोन पे पर ट्रांसफर कर दिया। अब पीड़ित दंपती पुलिस से मामले की जांच कर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने की गुहार लगा रहे हैं।