हत्या मामले में मुंगेर कोर्ट का बड़ा फैसला: 4 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा, साथ ही 40-40 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना

हत्या मामले में मुंगेर कोर्ट का बड़ा फैसला: 4 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा, साथ ही 40-40 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना

MUNGER: मुंगेर व्यवहार न्यायलय ने धरहरा थाना क्षेत्र के सारोबाग निवासी पवन तांती की हत्या के मामले में 4 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 40 हजार रूपये का अर्थदंड भी लगाया है। करीब पांच साल बाद कोर्ट ने आज यह फैसला सुनाया है। 


एससी-एसटी के विशेष न्यायाधीश सुनील दत्त पांडेय की अदालत ने धरहरा थाना क्षेत्र के सारोबाग गांव निवासी पवन तांती के हत्या मामले में पूर्व से सजायाफ्ता राणा यादव सहित मटुकी यादव, नीरू राम उर्फ निरंजन राम एवं संतोष मांझी को अपहरण कर हत्या करने, आपराधिक षड्यंत्र रचने, साक्ष्य को छिपाने एवं एससी -एसटी के विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई है। विभिन्न धाराओं में सभी आरोपियों पर चालीस-चालीस हजार रूपये का अर्थदंड लगाया है। सभी सजाएं भी इस दौरान साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता शाहिद कमाल ने बताया कि सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है। 


बता दें कि सारोबाग गांव में जमीन कारोबारी व विपक्षी पवन तांती की हत्या के संबंध में राणा यादव ने  24 सितंबर 2018 को बताया था कि पवन तांती का मित्र मटूकी यादव ने एक लाख रुपये के प्रलोभन पर पवन तांती को 18 सितंबर 2018 को निर्धारित जगह पर लेकर आया था जिसके बाद राणा यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर पवन तांती की हत्या कर शव को दो टुकड़ा में कर खिरोधारपुर स्थित संतोष मांझी के घर के आंगन में ही गाड़ दिया था। पांच दिन के बाद शव बरामद किया गया। सारोबाग गांव के तांती परिवार में राणा यादव ने रेल कर्मी बमबम तांती की हत्या कर उसकी पत्नी पूजा देवी के साथ शादी कर ली थी। फिर इस मामले में राणा यादव सहित अन्य अभियुक्त साक्ष्य के अभाव में रिहा हो गये थे। 


दूसरी शादी के बाद पूजा देवी ने रेलवे में अपने दिवंगत पति बंमबम तांती के बदले नौकरी एवं अन्य लाभ की मांग की। जिसका विरोध पवन तांती ने किया था। रेलवे में शिकायत करने के कारण पवन तांती की हत्या हो गयी। पवन तांती की हत्या के बाद मृतक की मां मीरा देवी के बयान पर धरहरा थाना में केस दर्ज किया गया। बचाव पक्ष से पटना के वरीय अधिवक्ता खुर्शीद आलम थे और अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक एससी-एसटी हरिनारायण प्रसाद सुनवाई में शामिल हुए।