सैयद अता हसनैन बने बिहार के 43वें राज्यपाल, लोकभवन में ली पद और गोपनीयता की शपथ

Bihar Governor oath ceremony: लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। पटना के लोकभवन में आयोजित समारोह में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 14, 2026, 11:46:12 AM

Bihar Governor oath ceremony

राज्यपाल का शपथ ग्रहण - फ़ोटो Reporter

Bihar Governor oath ceremony: लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने शनिवार को बिहार के 43वें राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। पटना के लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्होंने हिंदी में शपथ ली और इस पद पर उन्होंने आरिफ मोहम्मद खान का स्थान लिया।


समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित राज्य सरकार के कई मंत्री और गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा जारी नियुक्ति पत्र को पढ़कर सुनाया। कार्यक्रम में मंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, सुनील कुमार, संतोष कुमार सुमन, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह भी उपस्थित थे।


लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन भारतीय सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर के पूर्व कमांडिंग इन चीफ रह चुके हैं। इसके अलावा वे वर्ष 2018 में कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे। अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने 1988-90 में श्रीलंका में ऑपरेशन पवन और 1990-91 में पंजाब में आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


सेना में सेवा के दौरान और उसके बाद भी उन्होंने कई सामाजिक पहल कीं। खासकर युवाओं की शिक्षा, रोजगार, खेल और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने कई कार्यक्रम चलाए। कश्मीर में भटके हुए युवाओं को देश की मुख्यधारा से जोड़ने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है।


सैन्य अधिकारी के साथ-साथ उनकी पहचान एक रणनीतिक विचारक, सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी रही है। सेवानिवृत्ति के बाद भी वे सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य के रूप में आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान दिया।