ब्रेकिंग
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पिस्टल लहराकर जान से मारने की धमकी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज किया केसबिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव की तबीयत बिगड़ी, मेदांता में मिलने पहुंचे नीतीश कुमारभरत तिवारी एनकाउंटर के आरोपी DSP की पोस्टिंग पर मंत्री मदन सहनी नाराज, कहा..ये जख्मों को कुरेदने जैसाबांकीपुर उपचुनाव में उतरेंगे प्रशांत किशोर! 5 जुलाई को हो सकती है औपचारिक घोषणाडबल मर्डर केस में मां और उसके प्रेमी को फांसी की सजा, कोर्ट ने माना रेयर ऑफ द रेयरेस्ट मामलामुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पिस्टल लहराकर जान से मारने की धमकी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज किया केसबिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव की तबीयत बिगड़ी, मेदांता में मिलने पहुंचे नीतीश कुमारभरत तिवारी एनकाउंटर के आरोपी DSP की पोस्टिंग पर मंत्री मदन सहनी नाराज, कहा..ये जख्मों को कुरेदने जैसाबांकीपुर उपचुनाव में उतरेंगे प्रशांत किशोर! 5 जुलाई को हो सकती है औपचारिक घोषणाडबल मर्डर केस में मां और उसके प्रेमी को फांसी की सजा, कोर्ट ने माना रेयर ऑफ द रेयरेस्ट मामला

आखिरकार पकड़ा गया हार्डकोर नक्सली बढ़न भुईंया, 19 साल से पुलिस कर रही थी तलाश

GAYA: हार्डकोर नक्सली बढ़न भुईंया को पकड़ने में आखिरकार सफलता मिल गयी। बढ़न भुईंया प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का हार्डकोर नक्सली है। जो 16 साल की उम्र में ही नक्सली

आखिरकार पकड़ा गया हार्डकोर नक्सली बढ़न भुईंया, 19 साल से पुलिस कर रही थी तलाश
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

GAYA: हार्डकोर नक्सली बढ़न भुईंया को पकड़ने में आखिरकार सफलता मिल गयी। बढ़न भुईंया प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का हार्डकोर नक्सली है। जो 16 साल की उम्र में ही नक्सली संगठन में शामिल हुआ था। जिसके बाद एक के बाद एक नक्सली वारदातों को अंजाम दे रहा था।


पांच साल पहले हुए पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में वह भी मौजूद था। जिसके बाद से वह फरार चल रहा है। 19 साल से पुलिस बढ़न भुईंया को तलाश रही थी। इसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी। लेकिन हर बार वह पुलिस को चकमा देकर जंगल के रास्ते भाग जाया करता था। लेकिन इस बार गया के तरचुआं जंगल में वह देखा गया। 


फिर क्या था सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर उसे गया के तरचुआं जंगल से दबोचा। बढ़न भुईंया 16 साल की उम्र में ही नक्सली संगठन में शामिल हुआ था। वह कई बड़े नक्सली वारदातों में अंजाम दे चुका है। 2018 में पचरुखिया जंगल में हुए मुठभेड़ में भी वह शामिल था। उसी समय से बढ़न की तलाश में पुलिस लगी थी। कई बार पुलिस ने छापेमारी भी की लेकिन वह हाथ नहीं आया। लेकिन अब वह सुरक्षाबलों के हत्थे चढ़ गया है। पुलिस इसे बड़ी सफलता मान रही है। गया के एसएसपी आशीष भारती ने इस बात की जानकारी दी।