ब्रेकिंग
Bihar News : पटना में दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट! पेट्रोल पंप के पास फायरिंग में नाबालिग किशोरी को लगी गोली, मचा हड़कंपBihar News: भरत तिवारी एनकाउंटर केस पहुंचा राष्ट्रपति भवन, मुख्य सचिव को जांच के आदेश; पुलिस कार्रवाई पर उठे सवालBihar weather : बिहार में बदला मौसम का मिजाज! 22 जिलों में झमाझम बारिश की संभावना, IMD ने जारी किया अलर्टBihar News : बिहार में वाहन मालिकों की बढ़ी मुश्किलें, पटना में हजारों गाड़ियां ब्लैकलिस्ट; जानें वजहKhan sir : खान सर के गार्ड फायरिंग मामले में नया मोड़, आत्मरक्षा के दावे पर उठे सवाल; पुलिस जांच में सामने आई अहम बातेंBihar News : पटना में दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट! पेट्रोल पंप के पास फायरिंग में नाबालिग किशोरी को लगी गोली, मचा हड़कंपBihar News: भरत तिवारी एनकाउंटर केस पहुंचा राष्ट्रपति भवन, मुख्य सचिव को जांच के आदेश; पुलिस कार्रवाई पर उठे सवालBihar weather : बिहार में बदला मौसम का मिजाज! 22 जिलों में झमाझम बारिश की संभावना, IMD ने जारी किया अलर्टBihar News : बिहार में वाहन मालिकों की बढ़ी मुश्किलें, पटना में हजारों गाड़ियां ब्लैकलिस्ट; जानें वजहKhan sir : खान सर के गार्ड फायरिंग मामले में नया मोड़, आत्मरक्षा के दावे पर उठे सवाल; पुलिस जांच में सामने आई अहम बातें

बॉलीवुड में छाई शोक की लहर, फिल्म डायरेक्टर बासु चटर्जी का निधन

DESK : बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्देशक और लेखक बासु चटर्जी का 90 साल की उम्र में आज निधन हो गया. मिली जानकारी के अनुसार मुंबई के सांताक्रूज स्थित अपने घर पर उन्होंने अंति

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

DESK :  बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्देशक और लेखक बासु चटर्जी का 90 साल की उम्र में आज निधन हो गया. मिली जानकारी के अनुसार मुंबई के सांताक्रूज स्थित अपने घर पर उन्होंने अंतिम सांस ली. 

बताया जाता है कि वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उन्हें डायबीटीज और हाई  हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित थे. गुरुवार सुबह 8.30 बजे नींद में उनका निधन हो गया. बासु चटर्जी के निधन की जानकारी फिल्ममेकर अशोक पंडित ने दी है. उन्होंने बताया कि  उम्र संबंधी बीमारियों के चलते बासु दा का निधन हुआ है और आज दोपहर 2.00 बजे सांताक्रूज के शवदाह गृह में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

बासु दा ने दूरदर्शन के लिए ब्योमकेश बख्शी, रजनीगंधा जैसे बेहद लोकप्रिय सीरियल्स का भी निर्देशन किया था. इसके साथ ही 70 व 80 के दशक में हिंदी सिनेमा को वास्तविकता के धरातल लाने की कोशिशों के दौरान  उन्होने चित्तचोर, रजनी, बातों बातों में, उस पार, छोटी सी बात, खट्टा-मीठा, पिया का घर, चक्रव्यूह, शौकीन, रुका हुआ फैसला, जीना यहां, प्रियतमा, स्वामी, अपने पराये, एक रुका हुआ फैसला जैसी कई फिल्मों का निर्देशन किया और हिंदी सिनेमा की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान कायम की.