1st Bihar Published by: 3 Updated Sep 05, 2019, 1:43:49 PM
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PATNA : फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे बिहार में बहाल हो चुके लगभग चार हजार से से ज्यादा शिक्षकों की बर्खास्तगी अब तय मानी जा रही है। इस मामले में पटना हाई कोर्ट की फटकार के बाहर निगरानी ने कुल 4345 फर्जी शिक्षकों की पहचान कर ली है। साल 2006 से लेकर 2015 के बीच बिहार सरकार ने प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के विद्यालयों में तकरीबन साढे तीन लाख से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति की है लेकिन इस पूरी नियुक्ति प्रक्रिया में फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी पाने वाले शिक्षकों पर अब गाज गिरनी तय है। फर्जी शिक्षकों के मामले में पटना हाईकोर्ट ने जल्द से जल्द कार्रवाई करने का आदेश दिया था, जिसके बाद विजिलेंस ब्यूरो हरकत में आया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि निगरानी की जांच में यह हकीकत सामने आई है कि जिन नियोजन इकाइयों में शिक्षक नियुक्ति के दौरान हेर-फेर हुई है वहां से ज्यादातर रिकॉर्ड गायब कर दिए गए हैं। निगरानी ने इस पूरे मामले से शिक्षा विभाग को भी अवगत करा दिया है लेकिन अब तक चिन्हित किए गए कुल 4345 फर्जी शिक्षकों के ऊपर जल्द कार्रवाई होने की उम्मीद है।