ब्रेकिंग
NDA की बैठक में अनंत-नीरज विवाद पर नहीं बनी बात? मोकामा विधायक का ऐलान- अनुज सिंह का ही करेंगे समर्थन✦गया जंक्शन से लौट रहे व्यापारी का सूटकेस लूटा, विरोध पर बदमाशों ने चलाई गोली; ई-रिक्शा चालक घायल✦नेपाल बॉर्डर से बिहार में तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब, मधुबनी में 1.74 क्विंटल गांजा बरामद✦1 लाख देकर खरीदे 3 लाख के जाली नोट, अररिया में नकली नोटों के खेल का खुलासा; बांग्लादेश कनेक्शन आया सामने✦Anant Singh : CM सम्राट के एक बुलावे पर बैठक में पहुंचे अनंत सिंह, क्या आज खत्म होगी छोटे सरकार की नाराजगी?✦NDA की बैठक में अनंत-नीरज विवाद पर नहीं बनी बात? मोकामा विधायक का ऐलान- अनुज सिंह का ही करेंगे समर्थन✦गया जंक्शन से लौट रहे व्यापारी का सूटकेस लूटा, विरोध पर बदमाशों ने चलाई गोली; ई-रिक्शा चालक घायल✦नेपाल बॉर्डर से बिहार में तस्करी का बड़ा खेल बेनकाब, मधुबनी में 1.74 क्विंटल गांजा बरामद✦1 लाख देकर खरीदे 3 लाख के जाली नोट, अररिया में नकली नोटों के खेल का खुलासा; बांग्लादेश कनेक्शन आया सामने✦Anant Singh : CM सम्राट के एक बुलावे पर बैठक में पहुंचे अनंत सिंह, क्या आज खत्म होगी छोटे सरकार की नाराजगी?

दीपांकर ने कहा-लोकसभा में खा चुके है धोखा, सम्मानजक सीटें नहीं मिली तो पार्टी 12 सीटों पर लड़ेगी अकेले चुनाव

RANCHI: सीपीआई माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 में धोखा खाए हुए है. इसलिए इस बार शर्त है. अगर किसी पार्टी से गठबंधन नहीं हुआ तो पार्टी

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

RANCHI: सीपीआई माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 में धोखा खाए हुए है. इसलिए इस बार शर्त है. अगर किसी पार्टी से गठबंधन नहीं हुआ तो पार्टी 12 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी. 

गठबंधन हुआ तो चाहिए 5 सीट

रांची में दीपांकर ने कहा कि माले गठबंधन करने को तैयार है, लेकिन अभी तक कोई वार्ता हुई है और न सीट शेयरिंग पर कोई बात किसी से हुई. अगर गठबंधन हुआ तो माले पांच सीट की मांग करेगा. इससे कम पर बात नहीं बनेगी. 

अकेले भी चुनाव लड़ने को तैयार

दीपांकर ने कहा कि अगर गठबंधन नहीं हुआ तो माले झारखंड विधानसभा का चुनाव वामदलों के साथ लड़ने को लेकर भी तैयार है. पार्टी 12 सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारेगी. पांच चरण में चुनाव कराने पर सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड जैसे छोटे राज्य में पांच चरणों में चुनाव कराने के चुनाव आयोग के निर्णय अचंभित करने वाला है.  महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य का चुनाव एक दिन में खत्म हो सकता है तो झारखंड जैसे छोटे राज्य में चुनाव आयोग 5 दिनों का समय क्यों लेगा. यह समझ से परे है. बता दें कि शनिवार को जेएमएम के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा था कि चुनाव में वामदलों के साथ भी बातचीत होगी.