1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Wed, 11 Feb 2026 02:25:28 PM IST
विधान परिषद में सूखे नशे के बढ़ते प्रचलन पर चर्चा - फ़ोटो Bihar Vidhan Parishad TV
Bihar Assembly: बिहार विधान परिषद में आज सूखे नशे का मामला पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने उठाया। विधान परिषद सदस्य वीरेंद्र नारायण यादव ने बताया कि घाघरा नदी के किनारे उनका घर है। बिहार में घाघरा नदी से सटे इलाकों से लेकर उत्तर प्रदेश की सीमा तक शराबबंदी कानून लागू होने के बाद सूखे नशा की प्रवृति बड़े पैमाने पर बढ़ी है।
उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार को बताया कि बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा पर यूपी सरकार बड़े पैमाने पर शराब की दुकानें खोल रही है। पहले एक दुकान थी लेकिन आज के समय में प्रतापपुर चीनी मिल के आसपास 50 शराब की दुकानें खोल दी गईं हैं। वहीं से हर दिन शराब इधर से उधर हो रही है।
एमएलसी ने बताया कि बिहार की सीमा से सटे जो राज्य हैं वहां की सरकारों से बात करनी चाहिए। मैं वहां का रहने वाला हूं और हर दिन इन चीजों को देखता रहता हूं। हर 10 दिन के बाद एक नई दुकान खुल जाती है। इसपर जेडीयू एमएलसी खालीद अनवर से कहा कि सदस्य की चिंता वाजिब है। उन्होंने कहा कि मैंने भी पटना में देखा है कि छोटे- छोटे बच्चे जो स्कूल से निकलकर तरह-तरह का सूखा नखा करते हैं।
उन्होंने कहा कि सूखे नशा के चक्कर में उनकी जिंदगियां बर्बाद हो रही हैं। यह सामाजिक जिम्मेवारी है कि इन बच्चों की जिंदगियों को बचाने के लिए साकारात्मक कदम उठाए जाएं। बच्चों को नशे से कैसे बचाया जाए, इसपर मिशन के तौर पर काम होना चाहिए। इसके बाद पक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने इसपर गंभीर चिंता जाहिर की।
सरकार की तरफ से सदन में मौजूद मंत्री अशोक चौधरी ने इसपर जवाब दिया और सदन को बताया कि सदस्यों ने जो चिंता व्यक्त की है यह आज के समय का मौजू सवाल है। ऐसा नहीं है कि सरकार इसको लेकर संवेदनशील नही है, सरकार भी पूरी तरह से संवेदनशील है और सदस्यों ने जिस बात का उल्लेख किया है। अभी तक उत्तर प्रदेश की सीमा पर 23, पश्चिम बंगाल की सीमा पर 8, झारखंड की सीमा पर 19 और नेपाल की सीमा पर 17 चेकपोस्ट कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि सभी चेकपोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे और ब्रेथ एनालाइजर उपलब्ध कराए गए हैं। नेपाल की सीमा पर एसएसबी के साथ मिलकर छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। अबतक 10 लाख केस दर्द किए गए हैं। साढ़े चार करोड़ की शराब जब्त करने के साथ ही 16 लाख लोगों की गिरफ्तारी की गई है। एक लाख से अधिक वाहनों को जब्त किया गया है। सरकार संवेदनशील है और भविष्य में इसपर सघन काम शुरू किया जाएगा और ड्रग्स के खिलाफ बिहार में बड़ा अभियान चलाया जाएगा।