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देश में पहली बार किसी ट्रांसजेंडर को यूनिवर्सिटी में बनाया गया सीनेट सदस्य, बिहार के राज्यपाल ने दी बड़ी जिम्मेदारी

PATNA: देश में पहली बार किसी ट्रांसजेंडर को यूनिवर्सिटी में सीनेट सदस्य बनाया गया है। ऐसा बिहार में हुआ है जहां पटना की रहने वाली ट्रांसजेंडर रेशमा प्रसाद पटना विश्वविद्यालय (

देश में पहली बार किसी ट्रांसजेंडर को यूनिवर्सिटी में बनाया गया सीनेट सदस्य, बिहार के राज्यपाल ने दी बड़ी जिम्मेदारी
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: देश में पहली बार किसी ट्रांसजेंडर को यूनिवर्सिटी में सीनेट सदस्य बनाया गया है। ऐसा बिहार में हुआ है जहां पटना की रहने वाली ट्रांसजेंडर रेशमा प्रसाद पटना विश्वविद्यालय (PU) की सीनेट सदस्य बनीं हैं। बिहार के राज्यपाल एवं कुलाधिपति राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने रेशमा प्रसाद को बड़ी जिम्मेदारी दी है। 


ट्रांसजेंडर्स के समाजिक एवं शैक्षणिक उत्थान के लिए बिहार के गवर्नर ने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। रेशमा प्रसाद को 3 साल के लिए सीनेट का सदस्य मनोनीत किया गया है। देश के किसी विश्वविद्यालय में सीनेट सदस्य बनने वाली रेशमा पहली ट्रांसजेंडर बन गई हैं। 


पीयू का सीनेट सदस्य बनाये जाने की खबर मिलते ही रेशमा को बधाई देने के लिए फोन आने शुरू हो गये। बता दें कि रेशमा प्रसाद ट्रांसजेंडर के लिए काम करती हैं। पटना के मोना सिनेमा के पीछे सतरंगी दोस्ताना नाम से रेशमा रेस्टोरेंट चलाती हैं। जहां के सभी कर्मचारी ट्रांसजेंडर समुदाय से हैं। यह रेस्टोरेंट उनके 5 साल के संघर्ष का नतीजा है।


बता दें कि नेशनल काउंसिल फॉर ट्रांसजेंडर पर्सन की सदस्य भी रेशमा हैं। वो ट्रांसजेंडरों के लिए रोल मॉडल है। वो ट्रांसजेंडरों के हक और अधिकार के लिए आवाज उठाती रहती है। हाल ही में रेशमा ने बिहार में हुए जातीय गणना की रिपोर्ट पर सवाल उठाया था। 


इस सर्वे रिपोर्ट में ट्रांसजेंडरों की बिहार में संख्या 825 बताया गया है जिसे लेकर रेशमा ने बिहार सरकार के जातीय गणना रिपोर्ट पर सवाल उठाये थे और ट्रांसजेंडर की गलत संख्या दिखाये जाने पर आपत्ति जतायी थी। उस वक्त भी रेशमा सुर्खियों में आई थी। ट्रांसजेंडर से जुड़े किसी भी मामले में रेशमा प्रसाद अपनी बात मजबूती से रखती है।  


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