Hindi News / news / विशेषज्ञों ने अब कोरोना संक्रमितों में पाए “कविड़ टोज” के लक्षण, जानिए ये...

विशेषज्ञों ने अब कोरोना संक्रमितों में पाए “कविड़ टोज” के लक्षण, जानिए ये कैसे डालाता है मरीजों पर असर

1st Bihar Published by: Updated Apr 29, 2020, 1:33:59 PM

विशेषज्ञों ने अब कोरोना संक्रमितों में पाए “कविड़ टोज” के लक्षण, जानिए ये कैसे डालाता है मरीजों पर असर

- फ़ोटो

DESK : एक ओर जहां दुनिया भर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस से मानव जाती को बचने के लिए वैक्सीन बनाने में लगे हैं वहीं कोरोना वायरस दिन प्रति दिन अपने बदलते स्वरुप और लक्षण से डॉक्टरों और वैज्ञानिकों को हैरान करने में लगा है. शुरूआती दिनों में पाया गया था कि कोरोना एक वायरस के संक्रमण में आने से होता है. इस बीमारी के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते है.  पर अब कोरोना संक्रमित लोगों में कई और नए लक्षण देखे गए है साथ ही कई मरीज तो ऐसे भी मिले है जिनमे कोरोना के कोई लक्षण ही नहीं थे. ये मरीज अपने आप को पुर्णतः स्वस्थ महसूस कर रहे थे पर जब उनकी जांच की गई तो उन की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई. 

कोरोना वायरस पर किये  गए अध्यन में पाया गया था की ये वायरस बुजुर्गों और बच्चों को अपना शिकार बनता है पर भारत में इससे संक्रमित मरीजों की औसत आयु 40 वर्ष पाई गई है. एक ऐसा वायरस जिसकी शक्ति साधारण साबुन से हाथ  धो लेने मात्र से खत्म हो जाती है यदि शरीर के अन्दर चला जाये तो इंसान को मौत के द्वार तक पंहुचा सकता है.

अमेरिका और यूरोप के त्वचा विशेषज्ञों ने अब एक और कोरोना के नए लक्षण के बारे में पता लगाया है. इस नए लक्षण को उन्होंने COVID  Toes( कविड़ टोज)  का नाम दिया है. कोरोना के यह नए लक्षण खासतौर पर बच्चों और युवाओं में देखे जा रहे हैं. इस में मरीज के पैरों और उंगलियों में सूजन पाई थी. इसके अलावा, इन संक्रमित अंगों का रंग भी बदल कर हल्का बैगनी रंग का हो जाता है. शरीर में इस तरह के बदलाव ज्यादातर ठंडी जगहों में रहने वाले लोगों में देखा गया है. इस लक्षण में पैर के अंगूठे की रक्त धमनियों में सूजन आ जाती है और उनमें ऐंठन होने लगती है. उंगलियां सुन पड़ जाती है.

इस तरह के लक्षण इटली और अमेरिका के ठंडे जगहों में रहने वाले मरीजों में देखा गया है. फ़िलहाल भारत में इस तरह के कोई मरीज सामने नहीं आया है  हालांकि कोरोना वायरस के बदलते व्यहार को देखते हुए अचानक सूंघने या स्वाद लेने की क्षमता खो देना या गुलाबी आंखों को भी अब असामान्य लक्षण माना जा रहा है और उनकी जांच की जा रही है.