कोरोना की तीसरी लहर युवाओं के लिए आफत, बिहार में इस खतरनाक ट्रेंड को जानिए..

कोरोना की तीसरी लहर युवाओं के लिए आफत, बिहार में इस खतरनाक ट्रेंड को जानिए..

PATNA : बिहार में कोरोना की तीसरी लहर तेज रफ्तार के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य के अंदर हर दिन मिलने वाले कोरोना के मरीजों की तादाद बढ़ रही है। राजधानी पटना समेत कई जिले ऐसे हैं जहां हर दिन 100 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। पटना में यह आंकड़ा रविवार को दो हजार के ऊपर जा पहुंचा। लेकिन तीसरी लहर के आंकड़े बिहार में जो खतरनाक ट्रेंड बता रहे हैं। वह युवाओं को लेकर नई आफत है। तीसरी लहर की चपेट में सबसे ज्यादा युवा वर्ग के मरीज पाए जा रहे हैं। इनमें 20 से 29 साल के उम्र वर्ग के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। तीसरी लहर की शुरुआती दिनों में जो आंकड़े सामने आए हैं। उसके मुताबिक बिहार में 20 से 29 साल तक के मरीजों की संख्या 26 फीसदी या उससे ज्यादा है। 


बिहार में तीसरी लहर सक्रिय होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में 7 जनवरी तक के आंकड़ों का अध्ययन किया उसमें यह जानकारी सामने आई कि सबसे ज्यादा संक्रमित युवा वर्ग से हुए हैं। बिहार में संक्रमण का असर महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों पर ज्यादा है। बिहार में महिलाओं में संक्रमण 45.7 फीसदी जबकि पुरुषों में 54.3 फ़ीसदी है। 10 से 19 साल तक के बीच के किशोरों में संक्रमण 22 फीसदी जबकि 30 से 39 साल के उम्र वर्ग के बीच 17.9 फीसदी है। 40 से 49 साल के उम्र सीमा के बीच 11.5 फीसदी थी 50 से 59 साल के बीच 6.6 फीसदी और 60 साल से ज्यादा आयु वर्ग के पीछे 7.3 फ़ीसदी संक्रमण है। 


स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बता रहे हैं कि संक्रमण के शुरुआती दिनों में 10 से 30 साल तक के बीच संक्रमितों संख्या 48.8 फीसदी रही है हालांकि राहत की बात यह है कि 0 से लेकर 9 साल के छोटे बच्चों में इसका प्रभाव केवल 8 फ़ीसदी पाया गया है। दूसरी लहर की अपेक्षा तीसरी लहर में युवा संक्रमित ज्यादा हो रहे हैं। दूसरी लहर के प्रारंभिक के 15 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 20 से 29 साल तक के संक्रमित लोगों की तादाद 21.16 फीसदी थी जबकि 30 से 39 साल के बीच संक्रमित 19.34 फीसदी थे। महिलाओं में यह आंकड़ा दूसरी लहर के दौरान शुरुआती 15 दिनों में 42 फीसदी था जो अब बढ़कर 45.7 फीसदी जा पहुंचा है।