नीतीश की वर्चुअल रैली को लाइक से ज्यादा मिले डिसलाइक, जानिए किस प्लेटफार्म पर कितने लोगों ने देखा

नीतीश की वर्चुअल रैली को लाइक से ज्यादा मिले डिसलाइक, जानिए किस प्लेटफार्म पर कितने लोगों ने देखा

PATNA :  बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जेडीयू ने आज चुनावी बिगुल फूंक दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज जेडीयू के नए कार्यालय में बने कर्पूरी सभागार से 'निश्चय संवाद' को संबोधित किया. यह एक वर्चुअल रैली थी जो पार्टी और जदयू नेताओं के पूरे डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रसारित हो रही थी. इसके अलावा मीडिया के भी डिजिटल प्लेटफार्म पर इसे ब्रॉडकास्ट किया जा रहा था. सबसे हैरानी की बात है कि सीएम को जिन लोगों ने सूना उन्होंने नीतीश के भाषण को लाइक करने के बजाये नापसंद यानी कि डिसलाइक ज्यादा किया. इस खबर में नीचे आप पूरे आंकड़े को देख सकते हैं.


बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए ही जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार वर्चुअल प्लेटफार्म जदयू लाइव डॉटकॉम के जरिए लोगों को संबोधित किये. डिजिटल प्लेटफार्म के आंकड़े के मुताबिक सीएम नीतीश के 'निश्चय संवाद' कार्यक्रम को सोशल मीडिया के तमाम बड़े प्लेटफार्म पर लगभग एक घंटे में 27000 से ज्यादा लोगों ने डिसलाइक किया. जो आंकड़े सामने आये हैं, उसके मुताबिक सीएम के शुरूआती एक घंटे में लगभग 10000 लोगों ने इस भाषण को पसंद किया.


वहीं दूसरी ओर दोपहर साढ़े 12 बजे तक सोशल मीडिया के टोटल रिएक्शन की बात करें तो इसका आंकड़ा लगभग महज 35000 ही रहा. वहीं दूसरी ओर आपको बता दें कि जेडीयू ने 26 लाख लोगों को इस कार्यक्रम का लिंक भेजा था. अभी तक पार्टी की ओर से कोई डाटा जारी नहीं किया गया है कि आखिर कितने लोगों ने इसे देखा, पसंद और नापसंद किया. सीएम नीतीश ने अपने भाषण में कोरोना, बाढ़ और बेरोजगारी समेत कई मुद्दों पर बातचीत की. उन्होंने अपने विरोधियों को भी खूब निशाने पर लिया, जो उनकी कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं.



'निश्चय संवाद' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना संक्रमण रोकने को लेकर किए जा रहे सरकार के काम की आलोचना करने वालों की खबर ली. उन्‍होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारा स्‍पष्‍ट था. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में कोरोना को लेकर कुछ लोग बगैर जानकारी कुछ भी बोलते रहते हैं. उन्‍होंने कहा कि वे उसपर ध्‍यान नहीं देते हैं, काम करते हैं. बहुत लोगों को काम कम, प्रचार ज्‍यादा चाहिए.



नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार में लॉकडाउन के दौरान 23 लाख 38 हजार लोगों के राशन कार्ड बनवाए गए. अन्य राज्यों से लौटे लोगों के रोजगार के भी इंतजाम किए गए. रोजगार के लिए कानून तक में बदलाव किए जा रहे हैं. नई नीतियां बनाई गईं. लाखों लोगों को काम दिया गया. प्रभावित लोगों को 1000 रुपये की सहायता राशि दी गई। सस्ते में राशन दिया गया.