CM के खिलाफ पोस्टर लेकर धरना पर बैठे जीतन राम मांझी, मुख्य द्वार से नीतीश कुमार को नहीं मिली एंट्री

CM के खिलाफ पोस्टर लेकर धरना पर बैठे जीतन राम मांझी,  मुख्य द्वार से नीतीश कुमार को नहीं मिली एंट्री

PATNA : पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी शुक्रवार को धरना पर बैठ गए।  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक दिन पहले ही विधानसभा में उन्हें तुम-तड़ाक किया था। अब अपने अपमान से आहत जीतन राम मांझी ने विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सीएम नीतीश के खिलाफ धरना दे रहे हैं।  उनके साथ भाजपा के कई नेता भी धरने में शामिल हैं। इस धरने की वजह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी बिहार विधानसभा के मुख्य द्वार से अंदर प्रवेश नहीं मिला उनकी गाड़ी आगे बढ़ गई और बिहार विधान परिषद से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन के अंदर पहुंचे।


विधानसभा में आखिरी दिन भी हंगामा हो रहा है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी के विधायक वेल में आ गए और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के बीच प्रश्नकाल चल रहा था। लेकिन हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी है। इससे पहले बीजेपी के सभी विधायक वेल में पहुंच कर नारेबाजी कर रहे थे। हालांकि,  सरकार के मंत्री सवालों का जवाब दे रहे थे।


वहीं, इस सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले  विधानसभा अध्यक्ष के चेंबर के बाहर नीतीश कुमार के खिलाफ पूर्व सीएम जीतनराम मांझी धरने पर बैठ गए हैं। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा समेत बीजेपी के कई विधायक भी धरने पर बैठे हैं। मुख्यमंत्री के बयान को बीजेपी ने दलितों का अपमान बताया है। ऐसे में  विपक्ष मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने की मांग कर रहा है।


उधर, सत्ता पक्ष के विधायक पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। नरेंद्र मोदी को बीवी छोड़ने वाले बताया। नरेंद्र मोदी शर्म करो के नारे लगा रहे थे।ऐसा बेहद कम बार देखा गया कि सदन की कार्यवाही शुरू होने से  पहले सत्ता पक्ष के लोग विधानसभा के पोर्टिको के बाहर प्रदर्शन करें। ऐसे में आज यह देखने को मिला की सत्ता पक्ष के नेता पीएम मोदी के खिलाफ पोस्टर लेकर सदन के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे।