1st Bihar Published by: Updated Feb 07, 2020, 7:29:13 AM
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PATNA: बिहार के आंदोलनरत बिजलीकर्मियों को झटका लगा है. बिहार सरकार ने बिजलीकर्मियों की हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया है. 11 फरवरी को होने वाले स्ट्राइक को अवैध घोषित कर दिया गया है. सरकार ने इस पर एसेंशियल सर्विस मेंटेनेंस एक्ट यानी एस्मा लगा दिया है.
ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिजली कंपनी के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है. इसलिए बिना कोई वजह अगर बिजलीकर्मी हड़ताल पर जाएंगे और 24 घंटे बिजली बाधित करेंगे तो सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि इस आदेश को नहीं मानने वालों कर्मियों के खिलाफ सरकार कड़ा एक्शन लेगी.
प्रत्यय अमृत ने कहा है कि अगर बिजली कंपनी के इंजीनियर या कर्मचारी निजीकरण के सवाल पर हड़ताल पर गए तो उन्हें बर्खास्त किया जा सकता है. हड़ताल पर जाने वाले इंजीनियरों और कर्मियों पर भारतीय दंड विधान संहिता के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है. उन्होंने कहा कि कई बार खुद वो और ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव सार्वजनिक रूप से ये कह चुके हैं कि बिजली कंपनी के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है, बावजूद इसके कुछ लोग इस तरह का भ्रम फैला रहे हैं.