1st Bihar Published by: Updated Jun 03, 2020, 9:24:06 PM
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PATNA : बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ बिहार सरकार की कारगुजारियों पर भड़क उठा है। संघ ने हड़ताल अवधि की गणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए उसमें सुधार की नसीहत दी है। संघ ने सरकार पर शिक्षकों के साथ अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी सह प्रवक्ता अभिषेक कुमार ने निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) द्वारा जारी आदेश जिसमें माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के हड़ताल अवधि की गणना 29 दिन किए जाने पर आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने कहा है कि अब तक की परम्परा के अनुसार हड़ताल अवधि की गणना तथा समंजन मात्र उस अवधि में कार्य दिवसों की हुई क्षति की रही है मगर विभाग ने इससे इतर कार्य दिवसों के अतिरिक्त हड़ताल अवधि में रविवार और होली जैसे महान पर्व के छुट्टियों की भी गणना कर दी है। जो ना सिर्फ मानवीय दृष्टिकोण के खिलाफ है बल्कि संगठन और विभाग के परंपरा के भी प्रतिकूल भी है। उन्होंने मांग की है कि शिक्षा विभाग द्वारा इस पत्र को सुधार करते हुए हड़ताल अवधि में रविवार सहित अन्य सार्वजनिक छुट्टियों को हटाकर मात्र कार्य दिवसों की ही गणना कर उस आधार पर उतने ही दिनों का समंजन शिक्षकों को करने का निर्देश पुनः जारी किया जाए।
अभिषेक कुमार ने कहा कि ग्रीष्मावकाश के छुट्टियां में भी विभाग के आदेशानुसार कार्य कर रहे शिक्षकों का हड़ताल अवधि में समंजन न किया जाना शिक्षकों के साथ अन्याय है। उन्होनें कहा कि माध्यमिक शिक्षा के शैक्षिक कैलेंडर सह अवकाश तालिका के अनुसार ग्रीष्मावकाश की छुट्टियां 18 मई से 10 जून तक पूर्व से ही तय की गई है। जिसमें विभाग के ही आदेशानुसार इन छुट्टियों में शिक्षक क्वारंटाइन सेंटरों के अलावे अपने विद्यालयों में उपस्थित रहकर कार्य करने पर भी शिक्षकों का कार्य दिवसों की गणना ना करना शिक्षा विभाग का शिक्षकों के प्रति अमानवीयता है। अतः इस अवधि को भी कार्य दिवस मानते हुए हड़ताल अवधि की गणना से अलग किया जाए।