1st Bihar Published by: RAJKUMAR Updated Dec 09, 2023, 3:56:57 PM
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NALANDA: यूं तो बिहार पुलिस क्राइम और क्रिमिनल्स पर नकेल कसने के दावे करती है लेकिन कई ऐसे मामले सामने आए जब पुलिस के दावे खोखले साबित हो गए हैं। ताजा मामला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा से सामने आया है, जहां चोरी के एक आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस को 20 साल लग गए। पुलिस की चुस्ती का इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वारदात को अंजाम देकर आरोपी 20 वर्षों तक चकमा देता रहा।
दरअसल, नालंदा के लहेरी थाना पुलिस ने 20 साल पहले हुए चोरी के एक मामले में आरोपी को फतुआ थाना क्षेत्र के नारायणा से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी गणेश ठाकुर का बेटा संजय ठाकुर है जो अपना नाम बदलकर रघुनंदन ठाकुर बनकर 20 वर्षो से पुलिस को चकमा दे रहा था। इसी बीच लहेरी थाने की पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि रघुनंदन ठाकुर ही संजय ठाकुर है।
जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया। पुलिस का जवान डिलीवरी बॉय बनकर आरोपी के घर पहुंचा और संजय ठाकुर के नाम से पार्सल होने की बात कही। पार्सल रिसीव करने के लिए आरोपी रघुनंदन ठाकुर ने खुद को संजय ठाकुर साबित करने के लिए अपना परिचय पत्र दिखाया, तभी डिलीवरी बॉय बने पुलिस जवान ने उसे धर दबोचा।
जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी साल 2003 में पटना के एग्जीविशन रोड़ स्थित लेथ मशीन के दुकान में काम करता था। इसी दौरान उसने दुकान से एक लाख रुपये चोरी कर लिए और वहां से फरार हो गया था। इसके बाद से वह अपना नाम औप पहचान बदलकर नारायणा गांव में रह रहा था, जिसे गिरफ्तार करने में पुलिस को 20 साल का वक्त लग गया। लोगों का कहना है कि महज चोरी की घटना के आरोपी को पकड़ने में पुलिस को सालों लग गए तो संगीन अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों को पकड़ने में पुलिस कितने वर्षों का समय लगाती होगी।