1st Bihar Published by: Updated Oct 08, 2021, 1:17:59 PM
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PATNA : बिहार में 105 थाना और ओपी भूमिहीन है. इनके भवन निर्माण के लिए विभाग के विभिन्न विभागों में काम अटका है. अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिलने के कारण थाने के भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा है. पिछले दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक कार्यक्रम के दौरान खुद ही फटकार लगाई और सीनियर अफसरों से पूछा कि आखिरकार काम क्यों रुका है. मुख्यमंत्री के फटकार के बावजूद भी कई विभागों से एनओसी नहीं मिलना हैरत की बात है, जिसके कारण आगे का काम रुका हुआ है.
बिहार के जिन थानों की जमीन के लिए एनओसी का इंतजार है, उसमें सबसे अधिक आधा दर्जन थाने पटना के हैं. बिहार गृह विभाग के सचिव ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने को लेकर विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव और सचिव को पत्र भी लिखा है. मुख्य सचिव के स्तर पर भी बैठक कर जल्द से जल्द एनओसी जारी करने का प्रयास किया जा रहा है. गृह विभाग ने बताया है कि बिहार में फिलहाल 105 थाना और ओपी ऐसे हैं, जिनके पास जमीन नहीं है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 105 में से 34 थानों के लिए जमीन देख ली गई है. लगभग 15 थाना और आउट पोस्ट के लिए एनओसी भी मिल गया है. मगर 19 थानों और ओपी के भवन निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है. इसके लिए विभाग के अधिकारी प्रयासरत हैं. बताया जा रहा है कि कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग और कला और संस्कृति एवं युवा विभाग में एनओसी देने का काम लटका हुआ है.
रिपोर्ट में यह बताया गया है कि श्रीकृष्णापुरी थाना, बाईपास यातायात और कदमकुआं थाना के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग की जमीन, एयरपोर्ट थाना के लिए पशुपालन विभाग की जमीन, बहादुरपुर थाना के लिए कृषि विभाग की जमीन और मुसल्लहपुर थाना बनाने के लिए कला, संस्कृति एवं युवा विभाग की जमीन मिलने वाली है. इन विभागों से एनओसी नहीं मिला है, जिसके कारण काम रुका हुआ है.