1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 05, 2024, 12:05:22 PM
- फ़ोटो
MUNGER : बिहार का स्वास्थ्य महकमा अपनी कारगुजारियों को लेकर अक्सर सुर्खियों में बना रहता है। राज्य के अलग-अलग इलाकों से अक्सर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की खबरें सामने आती रहती है। ताजा मामला मुंगेर का है। जहां स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहां बिना एक्सपार हुए ही लाखों की दवाएं जलाकर नष्ट कर दी गई हैं। मामला सामने आने के बाद पूरा महकमा इसकी लीपापोती में जुट गया है।
दरअसल, बिहार में सरकार बदली तो लोगों को लगा कि अब हालात बदल जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और हालात जस के तस बने हुए हैं। विपक्ष में रहते हुए राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को लेकर आवाज बुलंद करने वाली बीजेपी आज जब खुद सरकार में है और उसी के स्वास्थ्य मंत्री भी हैं तो बदहाली दूर करना तो छोड़ दीजिए, अस्पतालों की सुध लेना भी मुनासिब नहीं समझा जा रहा है और लापरवाही की खामियाजा गरीब मरीजों को भुगतना पड़ता है।
सरकारी अस्पतालों में गरीब मरीजों को लिए मुफ्त में बांटी जाने वाली जीवन रक्षक दवाएं उन्हें नहीं दी जाती और बाहर से दवा खरीदने की उन्हें सलाह दे दी जाती है। रखे-रखे जब दवाएं एक्सपायर हो जाती हैं तो उसे जलाकर नष्ट कर दिया जाता है। हद तो तब हो गई जब बिना एक्सपार हुए ही लाखों की दवाएं जला दी गई। जिन दवाईयों को जला दिया गया है वह इस साल के अंत में दिसंबर महीने में एक्सपायर होने वाली थी।
मुंगेर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सदर प्रखड़ में जिन लाखों रुपए की दवाओं को जलाया गया है, उसे आशा कार्यकर्ताओं को दिया जाना था। मामला सामने आने के बाद पूरा स्वास्थ्य महकमा इसकी लीपापोती में जुट गया है। पूरे मामले पर सिविल सर्जन ने बताया कि सदर प्रखड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया गया है। लेकिन दवाई जलने के कोई सबूत नही मिले हैं। दवा के रख रखाव मे अनियमिता पाई गई है। जिसको लेकर केंद्र के प्रभारी से स्पष्टीकरण पूछा गया है।