1st Bihar Published by: Tahsin Ali Updated Dec 08, 2023, 9:18:20 PM
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PURNEA: पूर्णिया पुलिस ने इंटरनेशनल फंडिंग से जुड़े मामले में अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह के तीन शातिर एजेंट को गिरफ्तार किया है। हैरान करने वाली बात है कि इसका हैंडलर पाकिस्तान में बैठकर इंटरनेशनल फंडिंग के चैन को रेगुलेट कर रहा था। हालांकि ये पैसा टेरर फंडिंग का था या हवाला का फिलहाल पुलिस इन सारे बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस ने 5 सीम कार्ड, 96 हजार रुपए कैश, 6 मोबाइल फोन और 6 बैंक खातों के साथ ही एक बोलरो भी बरामद किए गए हैं।
इंटरनेशनल फंडिंग का ये खेल पिछले एक साल से रेगूलेट किया जा रहा था। पकड़े गए तीनों साइबर फ्रॉड पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के एजेंट के रूप में काम करते थे। जिन्हें फंडिंग की गई रकम के 5 फीसद मिलता था। ये फंडिंग पाकिस्तान वाया नेपाल के बैंक अकाउंट के जरिए अररिया के रहने वाले इन तीन साइबर फ्रॉड के अकाउंट में भेजा जा रहा था। एक साल में 50 लाख की इंटरनेशनल फंडिंग पाकिस्तान से की गई। हालांकि ये रुपए कहां खपाए जा रहे थे।
पाकिस्तान में बैठे हैंडेलर की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। हालांकि हैंडर के तीनों एजेंट अररिया जिले के रहने वाले हैं। जिनकी पहचान कुर्साकांटा थाना क्षेत्र के गरिया ले लोखंड वार्ड नंबर 5 निवासी मो. रहमान के बेटे मो. साकिम, कुर्साकांटा थाना क्षेत्र के खेसरेल वार्ड 9 निवासी महादेव प्रसाद साह के बेटे सुशील कुमार, फारबिसगंज थाना क्षेत्र के रामपुर वार्ड नंबर 3 निवासी इनामुल हक के बेटे मो. शाहनवाज आलम के रूप में हुई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुट गई है।