1st Bihar Published by: AKASH KUMAR Updated Sep 05, 2022, 2:26:02 PM
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AURANGABAD : बिहार में एक तरफ जहां पुलिस नक्सलियों के खिलाफ लागातर अभियान चलाकर उन्हें कमजोर करने की कोशिश में लगी है वहीं दूसरी ओर नक्सली पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे है। नक्सली ड्रोन की मदद से पुलिस के हर कदम पर नजर रख रहे हैं। औरंगाबाद में सर्च ऑपरेशन के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि नक्सली पुलिस के सर्च ऑपरेशन पर नजर रखने के लिए माओवादी ड्रोन का सहारा ले रहे है।
दरअसल, औरंगाबाद पुलिस द्वारा अति नक्सल प्रभावित मदनपुर थाना क्षेत्र के दुर्गम जंगली पहाड़ी क्षेत्रों में चलाये गये सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के कई आपत्तिजनक सामानों की बरामदगी से हुई है। एसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि खुफिया इनपुट मिला था कि मदनपुर थाना क्षेत्र में डोभा, कसमर स्थान, बंदी, मोरवा, बिदाई नगर, निमिया बथान एवं आसपास के इलाकों में नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों पर हमला करने की तैयारी की जा रही है। इस सूचना के बाद कोबरा, सीआरपीएफ और जिला पुलिस ने जंगली क्षेत्रों में नक्सलियों के खिलाफ संयुक्त सर्च अभियान चलाया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान दौरान दवाएं, खाने-पीने के सामान, एक नक्सल डॉंग्री, काला कपड़ा, दैनिक उपयोग की क्स्तुएं एवं 70 पीस नक्सल बैज, मेक मोविक-2, 15 पीस मोटोरोला सेट, नियर विजन टेस्ट किट एवं नक्सली साहित्य बरामद किया गया। इसके अलावा सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान एक ड्रोन भी बरामद किया है। इस ड्रोन के माध्यम से नक्सली सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
पुलिस ने मदनपुर थाना में 11 नामजद और 10-15 अज्ञात नक्सलियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एसपी ने कहा कि लगातार चलाये जा रहे छापेमारी अभियान से नक्सलियों का मनोबल काफी गिरा हुआ है और नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेगा। छापेमारी के दौरान ड्रोन की बरामदगी से साफ है कि नक्सली खुद की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पुलिस की गतिविधियों पर निगाह रखने के लिए ड्रोन का सहारा ले रहे हैं।