1st Bihar Published by: DIPAK Updated Nov 28, 2021, 11:21:50 AM
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NALANDA : किशोर न्याय परिषद के प्रधान न्यायाधीश मानवेन्द्र मिश्र ने चार साल की मासूम के साथ दुष्कर्म के आरोपी किशोर को 24 घंटे से भी कम समय में गवाही और बहस पूरी कर सजा सुना दी. 26 नवम्बर को उन्होंने किशोर और गवाहों का बयान दर्ज कर सारी न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर दी. 27 नवम्बर को उन्होंने सजा सुना दी. आरोपी किशोर को धारा 377 के तहत तीन वर्ष और पाक्सो के तहत तीन वर्ष की सजा सुनायी गयी है. सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी. जेजेबी जज ने माना है कि जिस तरह से किशोर ने योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम दिया और मौके पर से फरार हो गया, वह उसे मानसिक और शरीरिक रूप से अपराध करने में सक्षम साबित करता है.
मिली जानकारी के मुताबिक बचाव पक्ष के वकील ने किशोर की उम्र व पहला अपराध होने का दावा कर कम से कम सजा की अपील की थी. जिसे जेजेबी ने नहीं माना व अधिकतम सजा सुनाई. विशेष गृह में किशोर के रहने के दौरान वहां के अधीक्षक को किशोर की नियमित काउंसलिंग और पढ़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. साथ ही किशोर के आचरण व व्यवहार में हो रहे परिवर्तन से प्रत्येक छह माह पर जेजेबी को अवगत कराने को भी कहा गया है.
बता दें कि नालंदा थाना क्षेत्र के एक गांव में आरोपी किशोर बच्ची को इमली व टॉफी देने का लालच देकर अपने घर की छत पर बने कमरे में ले गया था और उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया था.