जनता दरबार में युवक ने नीतीश से कहा.. सर आपको बुरा-भला कहता है अधिकारी, नकल निकालने का लेता है 10 हजार, दलाल रखता है साथ में

1st Bihar Published by: Updated Mon, 02 Aug 2021 12:10:59 PM IST

जनता दरबार में युवक ने नीतीश से कहा.. सर आपको बुरा-भला कहता है अधिकारी, नकल निकालने का लेता है 10 हजार, दलाल रखता है साथ में

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PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जनता दरबार शुरू हो गया है. इस महीने के पहले सोमवार को सीएम नीतीश गृह विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार, मद्य निषेध, निगरानी, खान एवं भूतत्व और सामान्य प्रशासन विभागों से जुड़ी शिकायतों को सुन रहे हैं. जनता दरबार में मुजफ्फरपुर से पहुंचे एक शख्स ने मुख्यमंत्री के सामने ये कह दिया कि अधिकारी बहुत भ्रष्ट हैं. बिचौलियों को रखकर वसूली करते हैं.


मुजफ्फरपुर से आये एक शख्स ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शिकायत करते समय इतना तक कह दिया कि मुजफ्फरपुर के राजस्व एवं भूमि सुधार और निबंधन कार्यालय में काफी भ्रष्ट अधिकारी और कर्मी हैं. युवक ने कहा कि "सर विभाग से नक़ल निकलवाने जाते हैं तो काफी बोला जाता है. हमको तो बोला ही जाता है साथ में आपको भी  बुरा-भला कहा जाता है. अभद्र भाषा का उपयोग किया जाता है. निबंधन कार्यालय से केवाला का नकल निकालने के लिए 10-10 हजार रुपये घूस लिया जाता है."


युवक ने सीएम नीतीश से कहा कि "सर्वे वाला राजस्व एवं अभिलेखागार कार्यालय में भी यही हाल है. वहां भी दस्तावेज निकालने जाने पर पैसे का डिमांड किया जाता है. इन विभागों में अधिकारी और कर्मी बिचौलियों को इक्कठा कर के रखे रहते हैं. आपके बारे में अभद्र बोलता है. जब मैंने कहा कि हम मुख्यमंत्री के यहाँ जा रहे हैं तो उन्होंने जवाब दिया कि मुख्यमंत्री ही नहीं, प्रधानमंत्री के यहाँ भी जाओ, ई सब चलता रहता है."


अधिकारी के बर्ताव की शिकायत सुनकर बिफरे सीएम नीतीश ने तत्काल राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारी को इस मामले की जांच की बात कही और सीएम ने ये भी कहा कि युवक ने जब अधिकारी से शिकायत की बात कही तो कहा गया कि "जाइये न... कहीं जाइये... उससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है."


गौरतलब हो कि हर सोमवार को अलग-अलग विभागों से संबंधित मामले जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सुने जाते हैं. लोगों की शिकायतें सुनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तत्काल शिकायतों का निवारण का निर्देश संबंधित विभाग के पदाधिकारियों और मंत्रियों को देते हैं.