1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jan 07, 2024, 6:27:51 PM
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DESK: बिहार के औरंगाबाद और अरवल जिले के आतंक को पुलिस ने बेंगलुरू से दबोचा है। 25 हजार के इनामी गुप्तेश्वर उर्फ बूढ़ा पासवान बिहार के कांटी गिरोह का सरगना है जो पुलिस की आंख में धूल झोकने के लिए बेंगलुरू में एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहा था किसी को इस बात की भनक तक नहीं थी कि वो बिहार का मोस्ट वांटेट क्रिमिनल है। गुप्तेश्वर पासवान का नाम टॉप टेन अपराधियों की लिस्ट में शामिल है।
उस पर अरवल और औरंगाबाद जिले में 8 मामले दर्ज है जिसमें वो वांछित था।अरवल की ओबरा थाना पुलिस ने उसे बेंगलुरू से गिरफ्तार कर लिया। इस बात की जानकारी एसडीपीओ कुमार ऋषिराज ने दी है। उन्होंने बताया कि क्राइम करने के बाद गुप्तेश्वर उर्फ बूढा पासवान बिहार से भागकर बेंगलूरू चला गया था वहां वह प्राइवेट जॉब करने लगा। इस बात की किसी को कानों कान भनक तक नहीं थी कि यह एक अपराधी है।
कंपनी वालों को भी यह बात मालूम नहीं थी। उसके खिलाफ अरवल के मेहंदिया,औरंगाबाद के ओबरा, दाउदनगर और झारखंड के हरिहरगंज थाने में केस दर्ज हैं। ओबरा में लूट की घटना के बाद जांच टीम का गठन किया गया था। पुलिस लूटकांड मामले की जांच कर रही थी तभी गुप्त सूचना के आधार पर टीम बेंगलुरू गई और वहां से उसे दबोचा। उसके खिलाफ लूट और डकैती के कई मामले दर्ज है। बूढा पासवान ट्रक व अन्य वाहनों को निशाना बनाता था और लूटपाट की घटना को अंजाम देता था। बूढा पासवान उर्फ गुप्तेश्वर की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है।
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के 3 सदस्य दिनेश पासवान, गुड्डू राजवंशी और सुरेश राजवंशी को पुलिस पहले की गिरफ्तार कर चुकी है। अब बूढा पासवान पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। बेंगलूरू से उसे बिहार लाया जा रहा है यहां उससे पूछताछ की जाएगी और उसकी निशानदेही पर गिरोह के अन्य सदस्यों को भी दबोचा जाएगा। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।