बालू के अवैध खेल में शामिल अधिकारियों की संपत्ति जप्त होगी, आय से अधिक संपत्ति का मामला

1st Bihar Published by: Updated Tue, 31 Aug 2021 07:16:19 AM IST

बालू के अवैध खेल में शामिल अधिकारियों की संपत्ति जप्त होगी, आय से अधिक संपत्ति का मामला

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PATNA : राजू के अंदर बालू के अवैध खेल में शामिल अधिकारियों के खिलाफ अब आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज होगा। सरकार इनकी संपत्ति जप्त करने की तैयारी में है। सरकार में तय किया है कि अवैध बालू खनन में नपे कई अधिकारियों पर अब आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज होगा। आर्थिक अपराध इकाई की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है अधिकारियों की संपत्ति को लेकर हैरान करने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। इकाई की जांच अभी जारी है पर आय से अधिक संपत्ति की जद में कई अफसर आ चुके हैं। 


सूत्रों की मानें तो जिनके खिलाफ पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं उनपर जल्द ही आय से अधिक संपत्ति मामले में शिकंजा कस जाएगा। जांच में जिनकी ज्यादा संलिप्तता ज्यादा पायी जाएगी उनपर नकेल भी पहले कसेगी। सूत्रों के मुताबिक अवैध बालू खनन में फील्ड से हटाए गए सभी 41 अधिकारियों की संपत्ति की जांच ईओयू कर रही है। चूंकि दागी अफसरों की सूची लम्बी है इसलिए जांच के लिए भी अनोखा तरीखा अपनाया गया है। बालू के अवैध खनन में जिन अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों का अंबार था और शुरुआती जांच के दौरान जिनकी संलप्तिता ज्यादा पायी गई थी। उनकी संपत्ति पहले खंगाली जा रही है। कई अफसरों के खिलाफ जांच लगभग पूरी हो गई है और आय से अधिक संपत्ति होने को लेकर साक्ष्य भी हाथ लगे हैं । जिन अफसरों के खिलाफ प्रमाण मिला है, उनपर कभी भी आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हो सकता है।



इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि ईओयू ने जांच के बाद डेहरी-ऑन सोन के तत्कालीन एसडीओ सुनील कुमार सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्रवाई की है। जल्द ही इस कड़ी में और भी नाम जुड़ सकते हैं। जांच के बाद अब ईओयू इन अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है। हालांकि संपत्ति की जांच लंबी चलेगी। आय से अधिक संपत्ति की जांच भी आसान नहीं है। आयकर विभाग से जहां कई जानकारियां लेनी पड़ती है, वहीं एक-एक संपत्ति का मूल्य व बैंक खातों में अबतक की लेनदेन की छानबीन भी करनी पड़ती है। वहीं, यदि आय का कोई दूसरा स्रोत हैं, तो उसके संबंध में भी गहन पड़ताल करनी पड़ती है। जांच के आगे बढ़ने के साथ ही मालूम पड़ जाएगा कि किस अधिकारी ने अवैध खनन के खेल में अपने हाथ कितने काले किये।