1st Bihar Published by: Updated Feb 02, 2021, 2:43:01 PM
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DESK : पोलियो को 'दो बूंद जिंदगी की' कहा जाता है लेकिन अगर यह दो बूंद बच्चों की जान के दुश्मन बन जाये तो इसे क्या कहेंगे. ऐसा ही कुछ महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के घांटजी तहसील के भांबोरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ जहां 12 बच्चों को पोलियो की खुराक के बदले सेनेटाइजर पिला दिया गया. जिसके बाद बच्चों की हालत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. सभी बच्चों की उम्र 5 साल से कम की है.
गौरतलब है कि, अस्पताल में इस तरह की लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भंडारा जिले के एक सरकारी अस्पताल में लापरवाही के कारण आग लग गई थी जिसमें 10 नवजात शिशुओं की मौत हो गई और अब यवतमाल में पोलियो टीकाकरण के दौरान इसी तरह की लापरवाही दिखी है. हालांकि, राहत की बात यह है कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं. वहीं, मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
आपको बता दें कि यवतमाल जिले के घाटंजी स्वास्थ्य प्राथमिक केंद्र में बच्चों को पोलियो की खुराक के बदले सेनेटाइजर पिला दिया गया. जिसके बाद बच्चों को उल्टियां होने लगी, हालत बिगड़ती देख बच्चों के माता पिता अस्पताल पहुंचे, जहां सेनेटाइजर पिलाने की बात सामने आयी. वहीं इस मामले में जांच के आदेश दे दिये गये है.