Baba Bageshwar : कल गया आएंगे बाबा बागेश्वर, इस वजह से नहीं लगा पाएंगे 'दिव्य दरबार'

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 25, 2024, 8:21:17 AM

Baba Bageshwar : कल गया आएंगे बाबा बागेश्वर, इस वजह से नहीं लगा पाएंगे 'दिव्य दरबार'

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GAYA : बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कल 26 सितंबर को गया आएंगे। वह अपने 200 अनुयायियों के साथ पिंडदान के कर्मकांड को पूरा करेंगे। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में गयाजी धाम में पिंडदानियों की भीड़ को देखते हुए अपने वीडियो संदेश में बाबा बागेश्वर ने खुद इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि वह दो या तीन दिनों के लिए बिहार के गयाजी आएंगे। 


दरअसल, बाबा बागेश्वर यानी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री  पहले उनका कार्यक्रम 26 सितंबर को आगमन और 2 अक्टूबर के बाद प्रस्थान का था। लेकिन पितृपक्ष मेले में भीड़ के मद्देनजर प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने से अब वह सिर्फ तीन दिनों के लिए गया में प्रवास करेंगे। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा 26 सितंबर को गया जी आएंगे। उनके साथ 200 शिष्यों की मंडली होगी। गया में वे 200 अनुयायियों के साथ पिंडदान का कर्मकांड करेंगे। 26, 27 और 28 सितंबर को ही वे गया में रहेंगे। इस बीच भक्तों को बाबा बागेश्वर के द्वारा कही जाने वाली भागवत कथा का ऑनलाइन ही लाभ मिल सकेगा। 


वहीं, बाबा बागेश्वर धाम के आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर ने वीडियो संदेश के माध्यम से बताया है कि बिहार के गया के लिए कार्यक्रम के बारे में बताने में उन्हें प्रसन्नता है। वह गया जी को प्रणाम करने आ रहे हैं। प्रशासनिक व्यवस्था के कारण सार्वजनिक रूप से कथा करने की अनुमति नहीं प्राप्त हो रही है, क्योंकि अत्यधिक भीड़ है और श्राद्ध पक्ष का मेला गया जी में लगा हुआ है। इसके कारण प्रशासन को भी दिक्कत न हो, इसलिए वे मात्र 200 अनुयायियों के साथ पिंडदान के कर्मकांड की पद्धति को पूर्ण करने के लिए आएंगे।  पिंडदान के कर्मकांड को एकांतिक रूप में पूर्ण करेंगे।


इधर, बाबा बागेश्वर धाम के आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा है कि उन्हें नवरात्रि की साधना के लिए वापस आना है। यहां मौन साधना में उन्हें बैठना है. इसलिए केवल दो या तीन दिन गया जी में जाएंगे और जो कर्मकांड की पद्धति है, उसे पूर्ण करके वापस आएंगे। बाबा बागेश्वर ने कहा कि बालाजी-विष्णुपद भगवान की कृपा-दया हुई तो गया में बिना पितृपक्ष के आएंगे और बिना पितृपक्ष के कथा सुनाने जरूर आएंगे।