ब्रेकिंग
दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत, आक्रोशित लोगों ने किया भारी बवाल; पुलिस पर पथराव और तोड़फोड़Bihar Education News: डेपूटेशन खत्म करने से पाप धूल जाएंगे ? 32 महीने में 27 लाख की सैलरी जबकि बैंक खातों से 2.51 करोड़ का लेन-देन, DPO का खेल उजागर होने के बाद प्रतिनियुक्ति खत्म भरत तिवारी एनकाउंटर केस: सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच की मांग पर सुनवाई से किया इनकार, परिवार को दिया यह सुझावBihar News : पटना में दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट! पेट्रोल पंप के पास फायरिंग में नाबालिग किशोरी को लगी गोली, मचा हड़कंपBihar News: भरत तिवारी एनकाउंटर केस पहुंचा राष्ट्रपति भवन, मुख्य सचिव को जांच के आदेश; पुलिस कार्रवाई पर उठे सवालदर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत, आक्रोशित लोगों ने किया भारी बवाल; पुलिस पर पथराव और तोड़फोड़Bihar Education News: डेपूटेशन खत्म करने से पाप धूल जाएंगे ? 32 महीने में 27 लाख की सैलरी जबकि बैंक खातों से 2.51 करोड़ का लेन-देन, DPO का खेल उजागर होने के बाद प्रतिनियुक्ति खत्म भरत तिवारी एनकाउंटर केस: सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच की मांग पर सुनवाई से किया इनकार, परिवार को दिया यह सुझावBihar News : पटना में दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट! पेट्रोल पंप के पास फायरिंग में नाबालिग किशोरी को लगी गोली, मचा हड़कंपBihar News: भरत तिवारी एनकाउंटर केस पहुंचा राष्ट्रपति भवन, मुख्य सचिव को जांच के आदेश; पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

असम की महिला इलाज कराने आई पटना के सरकारी हॉस्पिटल में, 7 लाख का इलाज 7 हजार में कर डॉक्टरों ने पेश की मिसाल

PATNA: बिहार के लोगों को सरकारी हॉस्पिटलों पर भरोसा कम होता है. लेकिन असम के लोगों के बीच बिहार के हॉस्पिटलों में दिल्ली एम्स से कम भरोसा नहीं है. असम की महिला पटना के सरकारी हॉस्प

FirstBihar
Manish Kumar
3 मिनट

PATNA: बिहार के लोगों को सरकारी हॉस्पिटलों पर भरोसा कम होता है. लेकिन असम के लोगों के बीच बिहार के हॉस्पिटलों में दिल्ली एम्स से कम भरोसा नहीं है. असम की महिला पटना के सरकारी हॉस्पिटल लोकनायक जयप्रकाश हॉस्पिटल राजवंशीनगर में इलाज करा रही हैं. यहां पर उस महिला की गंभीर बीमारी का इलाज हो रहा है. इस हॉस्पिटल में पहली बार स्पाइनल ट्यूमर का ऑपरेशन किया गया है. इस बीमारी से महिला पीड़ित थी. जो अब ठीक हो रही है. 

असम में 1 लाख खर्च के बाद भी नहीं हुई ठीक, यहां 7 हजार में हो गया इलाज

असम के डिब्रूगढ़ की रहने वाली महिला रीना बरूआ को स्पाइनल ट्यूमर की बीमारी थी, असम के कई बड़े हॉस्पिटलों में इलाज कराया, इलाज में एक लाख रुपए से अधिक खर्च हो गया. लेकिन फिर भी वह ठीक नहीं हो पाई. किसी ने पटना के राजवंशीनगर हॉस्पिटल के बारे में बताया वह महिला अपने दो बेटे के साथ आई. महिला की स्थिति देख पहले तो डॉक्टर ने सोच में पड़ गए कि आखिर कैसे यह होगा, लेकिन न्यूरो सर्जन श्याम किशोर ने ऑपरेशन करने का फैसला किया और अपने सहयोगियों के साथ इसका सफल ऑपरेशन किया. फर्स्ट बिहार से बातचीत में डॉ. श्याम किशोर ने बताया कि इस बीमारी की अगर महिला किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराती थी तो कम से कम 5-7 लाख रुपए खर्च होता, लेकिन यहां पर मुफ्त में ऑपरेशन हुआ है. दवा में सिर्फ 7 हजार रुपए खर्च हुआ. 

चल नहीं पाती थी महिला मरीज

डॉक्टर श्याम किशोर ने बताया कि रीना बरूआ स्पाइनल ट्यूमर के कारण दोनों पैर से चल नहीं पाती थी, लेकिन अब ऑपरेशन के बाद पैरों में मूवमेंट आ गया है. वह पैर चलाने लगी है. इस महिला को उसके पैरों पर चलाकर हमलोग यहां से भेजेंगे. रीना के बेटे सुरदीप ने बताया कि मां की बीमारी को लेकर पूरा परिवार परेशान था, लेकिन यहां के डॉक्टरों ने मां को ठीक कर दिया और नया जीवन दिया है.