1st Bihar Published by: Updated Mar 09, 2021, 2:11:17 PM
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ARARIA : एक ऐसी घटना सामने आई है, जो काफी हैरान करने वाली है. दरअसल अररिया के जोगबनी में पुलिस की मदद से एक ऐसे शख्स को आजाद कराया गया है, जिसके अपने ही बच्चों ने 6 साल से एक कमरे में कैद कर के रखा था. 6 साल से यह बूढ़ा शख्स सूरज की रौशनी तक नहीं देख पाया.
घटना अररिया जिले के जोगबनी की है, जहां सोमवार को पुलिसवालों ने वार्ड संख्या 11 बस स्टैंड स्थित एक पुराने घर से एक शख्स को आजाद कराया. इस शख्स को उसके ही तीन बच्चों ने 6 साल से एक कमरे में कैद कर के रखा था. उसके बच्चे उसे खाने-पीने के लिए भोजन-पानी तो देते थे लेकिन उसे एक कैदी के तरह कैद कर के कमरे में रखते थे. उसे बाहर नहीं निकलने देते थे.
इस घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक जिस बुजुर्ग को पुलिस ने आजाद कराया है, उसके तीन बेटे हैं. बताया जा रहा है उसके तीनों बेटों उपेंद्र साह, राजेंद्र साह और हरेराम साह के पास काफी धन संपत्ति है. लेकिन इन तीनों बेटों ने अपने बाप को एक छोटे से अंधेरे कमरे में कैद कर के रखा था. बुजुर्ग का मंझला यानी कि दूसरे नंबर का बेटा राजेंद्र साह दिन में दो बार खाना लडने आता था और भोजन देने के बाद वापस उसे बंद कर चला जाता था.
बुजुर्ग के कमरे में कैद होने की जानकारी कुछ लोगों ने मीडिया और प्रशासन को दी, जिसके बाद सोमवार को जोगबनी के थानाध्यक्ष आफताब अहमद ने उस व्यक्ति को कमरे से आजाद कराया. यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.