आनंद मोहन की रिहाई मामला: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को जवाब दाखिल करने का वक्त दिया, अब इस दिन होगी अगली सुनवाई

आनंद मोहन की रिहाई मामला: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को जवाब दाखिल करने का वक्त दिया, अब इस दिन होगी अगली सुनवाई

DELHI: पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी. कृष्णैया की पत्नी उमा देवी ने आनंद मोहन की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान बिहार सरकार की तरफ से जवाब देने के लिए सुप्रीम कोर्ट से समय देने की मांग की गई, जिस पर कोर्ट ने बिहार सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया। इस मामले पर अब अगस्त महीने के पहले सप्ताह में सुनवाई होगी।


दरअसल, गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी.कृष्णैया हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए पूर्व सांसद आनंद मोहन की पिछले दिनों जेल से रिहाई हो गई थी। बिहार सरकार ने कानून में संशोधन करते हुए पूर्व सांसद आनंद मोहन को जेल से रिहा कर दिया था। आनंद मोहन की रिहाई को लेकर बिहार में खूब सियासत हुई। वहीं देश के कई आईएएस एसोसिएशन ने रिहाई का विरोध किया था। जी.कृष्णैया की पत्नी उमा कृष्णैया ने आनंद मोहन की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।


रिहाई के खिलाफ उमा कृष्णैया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की और आनंद मोहन की रिहाई के फैसले को रद्द करके, उन्हें फिर से जेल भेजने की मांग की है।आनंद मोहन को जी कृष्णैया की हत्या के मामले में पहले फांसी उसके बाद आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी थी। 8 मई को हुई पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बिहार सरकार और आनंद मोहन को नोटिस जारी कर रिहाई पर जवाब मांगा था और बिहार सरकार से रिहाई से जुड़ा रिकॉर्ड देने को भी कहा था।


शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में उमा कृष्णैया की याचिका पर फिर से सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान बिहार सरकार कोर्ट के समक्ष जवाब देने में विफल साबित हुई। बिहार सरकार की तरफ से कोर्ट से अनुरोध किया गया कि जवाब देने के लिए उसे और वक्त दिया जाए। अदालत ने बिहार सरकार की मांग को स्वीकार करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए और समय दे दिया।