1st Bihar Published by: 9 Updated Jul 14, 2019, 1:30:08 PM
- फ़ोटो
PATNA: सूबे में जब जान पर आफत बन आई तो पक्ष और विपक्षी पार्टियों की राय एक हो गई. जलवायु परिवर्तन के चलते लोग बीमारी से परेशान होने लगे और कृषि उत्पादन घटने लगा तो नीतीश कुमार की सरकार नींद से जागी. राज्य में जल, जीवन और हरियाली की रक्षा कैसे की जाए इस बात को लेकर सीएम नीतीश कुमार ने शनिवार को विपक्षी पार्टियों के साथ मैराथन बैठक की. विपक्षी पार्टियों ने सरकार और प्रदेश की चिंता को बखूबी समझा और सरकार से सहमति जाहिर की. जलवायु परिवर्तन पर चिंतित सरकार जलवायु परिवर्तन को लेकर सूबे में होने वाली यह पहली बैठक थी. इस दौरान सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि आज की चर्चा से यह स्पष्ट है कि बिहार के लोग पर्यावरण के लिए एकजुट हैं. सीएम ने कहा कि उनकी सरकार का मसकद महज बैठक करना नहीं है, बल्कि जलवायु परिवर्तन को लेकर एक प्रभावी योजना बनाना है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन को लेकर लोगों को जागरुक करना होगा. लोगों को यह बताना होगा कि किस तरह मौसम में बदलावा आया है. मशहूर वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिन्स की चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि उन्होंने कहा था कि धरती पर बहुत संकट आने वाला है. सीएम ने कहा कि धरती को बचाने के लिए काम तो करना ही होगा. विपक्षी पार्टी भी हुए एकजुट मुख्यमंत्री ने कहा कि जल, जीवन और हरियाली की रक्षा करनी होगी. उन्होंने कहा कि हमलोग करीब डेढ़ करोड़ पेड़ लगाकर योजना की शुरुआत करने वाले हैं. सीएम ने कहा कि तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराना होगा. पानी को बचाने के लिए सोख्ता का निर्माण करना होगा जिससे पानी को बचाया जा सके. मुख्यमंत्री ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा की तादाद में पेड़ लगाने की अपील की जिससे पर्यावरण की रक्षा की जा सके. 'लगाने होंगे ज्यादा पेड़' इस मौके पर सूबे के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए जाएं जिससे जलवायु को बचाया जा सके. इस मौके पर उन्होंने सड़क निर्माण विभाग को भी पेड़ों को लेकर खास निर्देश जारी किए. पटना से गणेश की रिपोर्ट