1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 15, 2024, 4:30:06 PM
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सनातन धर्म में चतुर्थी तिथि को विघ्नों के निवारण और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए शुभ माना जाता है। खासकर पौष माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी, जिसे अखुरथ संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है, विशेष रूप से भगवान गणेश की पूजा के लिए प्रतिष्ठित है। इस दिन गणेश जी की विधिपूर्वक पूजा करने से व्यवसाय में सफलता और जीवन में खुशियां आती हैं। खासकर अगर इस दिन भगवान गणेश को उनके प्रिय भोग अर्पित किए जाएं, तो उनके आशीर्वाद से जातक की सभी मुरादें पूरी होती हैं।
अखुरथ संकष्टी चतुर्थी 2024 शुभ मुहूर्त:
पंचांग के अनुसार, इस बार पौष माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 18 दिसंबर को सुबह 10 बजकर 43 मिनट से होगी, और समापन 19 दिसंबर को सुबह 10 बजकर 02 मिनट पर होगा। इस दिन विशेष रूप से गणेश पूजा और उनके प्रिय भोग अर्पित करना फलदायी होता है।
भगवान गणेश के प्रिय भोग:
बेसन के लड्डू: गणेश जी को अर्पित करने के लिए बेसन के लड्डू का भोग बहुत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि लड्डू का भोग लगाने से जीवन के सभी दुख-दर्द समाप्त हो जाते हैं और जातक को कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
मोदक: गणेश जी का प्रिय भोग मोदक है। मोदक का भोग अर्पित करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और सभी मुरादें जल्द पूरी होती हैं। यह भोग विशेष रूप से उनके आशीर्वाद के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
केसर खीर: केसर से बनी खीर भी गणेश जी को अर्पित करने के लिए उत्तम मानी जाती है। इसे भोग में शामिल करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
मोतीचूर के लड्डू: अगर आप अपने वैवाहिक जीवन में खुशियां चाहते हैं, तो मोतीचूर के लड्डू भी गणेश जी को अर्पित करें। यह भोग वैवाहिक जीवन को सुखमय और प्रेमपूर्ण बनाने में मदद करता है।
दूर्वा और नारियल: गणेश जी को दूर्वा (घास) और नारियल भी अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा, गुड़ और घी का भोग भी उनके आशीर्वाद को आकर्षित करने में सहायक होता है।
अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का दिन विशेष रूप से भगवान गणेश की पूजा के लिए उपयुक्त है। इस दिन गणेश जी को उनके प्रिय भोग अर्पित करके आप अपने जीवन में समृद्धि, सुख और सफलता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, अपने सभी कार्यों में सफलता की प्राप्ति और विघ्नों का निवारण भी संभव हो सकता है।