1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 02, 2023, 5:56:37 PM
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BHAGALPUR: बिहार में शिक्षा विभाग की बदहाली को दूर करने में लगे केके पाठक एक्शन में हैं और लगातार विभिन्न जिलों में घूम घूमकर स्कूलों का जायजा ले रहे है। इस दौरान वे विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों को आवश्यक निर्देश भी जारी कर रहे हैं। बीपीएससी से चयनित नवनियुक्त शिक्षकों से बातचीत करते हुए भागलपुर में केके पाठक ने कहा कि बिहार में अब मजदूर का बेटा मजदूर नहीं बनेगा।
दरअसल, शिक्षा विभाग के एसीएस केके पाठक गुरुवार को देर रात भागलपुर पहुंचे थे। उनके भागलपुर पहुंचते ही शिक्षा विभाग और जिलों के शिक्षकों में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को उन्होंने डीएम सुब्रत कुमार सेन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ कई बिंदुओं पर बैठक की। उसके बाद शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान और कई स्कूलों का निरीक्षण किया। उन्होंने डाइट और सिटीई का भी निरीक्षण किया, जहां बीपीएससी से नियुक्त हुए शिक्षकों का प्रशिक्षण चल रहा है।
इसके बाद केके पाठक शहर के कुछ स्कूलों के अलावा नाथनगर सनहौला शाहकुंड सहित अन्य प्रखंडों के स्कूलों का भी जायजा लिया। के के पाठक के भागलपुर आने की चर्चा दो दिन से चल रही थी जिसको लेकर सभी विद्यालय के प्रभारी ने अपने विद्यालय को साफ स्वच्छ और रंग रोगन से तैयार कर रखा है साथ ही कागजी प्रक्रिया को भी मजबूत कर रखा था। केके पाठक के भागलपुर आने के चलते भागलपुर जिला अंतर्गत शिक्षा विभाग के कर्मियों की छुट्टी भी रद्द कर दी गई थी।
अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने कहा कि अब मजदूर का बेटा मजदूर नहीं बनेगा क्योंकि शिक्षा विभाग ने कई गुणी शिक्षकों का चयन कर विद्यालय में उन्हें नियुक्त करने का काम किया है। बीपीएससी से चयनित प्रशिक्षण ले रहे शिक्षकों से कड़े शब्दों में कहा कि वे अपने स्कूल के पंद्रह किलोमीटर के अंदर रहें नहीं तो नौकरी छोड़ दें।साथ ही उन्होंने यह भी कहा की उन्हें मुख्य रूप से गांव के स्कूलों को सुदृढ़ बनाना है और उसे मजबूत करना है। गांव के बच्चों का सपना साकार हो और वह सपना शिक्षक ही साकार कर सकते हैं।