1st Bihar Published by: Updated Feb 18, 2022, 3:12:41 PM
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PATNA : अब तक आपने देखा हो कि शिक्षक, स्टूडेंट, सफाईकर्मी और डॉक्टर हड़ताल पर जाते थे, लेकिन अब सरकार से अपनी बात मनवाने के लिए पटना के धोबी भी हड़ताल पर जाने वाले हैं. इससे सबसे ज्यादा नुकसान नेताओं को ही होगा. क्योंकि धोबियों ने नेताओं के कपड़े धोने का बहिष्कार कर दिया है. पटना के धोबियों ने 1 मार्च से किसी भी माननीय का कपड़े नहीं धोने का ऐलान कर दिया है. धोबियों की मांग है कि सभी धोबीघाटों का जीर्णोद्धार किया जाए. अगर इस पर जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो सड़क पर उतरेंगे.
न्यू कैपिटल धोबीघाट संघ के महासचिव रामविलास प्रसाद ने कहा कि पटना में धोबी लंबे समय से धोबीघाट के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. इसपर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. पटना नगर निगम की 25वीं सशक्त समिति की बैठक 24 अगस्त 2018 को हुई थी. इसमें निर्णय लिया गया था कि पटना के 6 धोबीघाटों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा. टेंडर भी किया गया. 6 धोबी घाटों का आवंटन भी हो गया, लेकिन 3 साल बीत जाने के बाद भी आज तक एक भी घाट का जीर्णोद्धार नहीं किया गया.
प्रसाद बताते हैं कि कई बार आंदोलन करने पर सरकार की तरफ से आदेश हुआ है. , मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2007 में खुद यहां आकर इसके जीर्णोद्धार की बात कही थी. लेकिन बिहार का दुर्भाग्य है कि आज तक इनके आदेशों का पालन नहीं किया गया. राजधानी में लगभग 10 हजार धोबी अभी भी धोबीघाट की समस्या से जूझ रहे हैं. अब और इंतजार नहीं करेंगे, इसलिए हड़ताल पर जाने का फैसला लिया गया है.
धोबीघाट संघ के महासचिव ने चेतावनी दी है कि इस महीने के अंत तक धोबीघाटों के जीर्णोद्धार का काम शुरू नहीं हुआ तो 1 मार्च से मुख्यमंत्री, सभी मंत्रियों, सभी सांसदों, सभी विधायकों और सभी पार्षदों के कपड़े धोने बंद कर दिए जाएंगे. साथ ही मार्च में ही बिहार विधानसभा के चालू सत्र अवधि में विधानसभा का घेराव किया जाएगा.