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आज से लागू हुआ नया टैक्स, जानें आम ज़िन्दगी पर क्या होगा इसका असर

DESK : केंद्र सरकार ने विदेश में पैसे भेजने पर टैक्‍स वसूलने से जुड़ा नया नियम बना दिया है. 1 अक्‍टूबर 2020 से ये नियम लागू हो गया है. ऐसे में अगर विदेश में पढ़ रहे बच्&zwj

आज से लागू हुआ नया टैक्स, जानें आम ज़िन्दगी पर क्या होगा इसका असर
First Bihar
3 मिनट

DESK : केंद्र सरकार ने विदेश में पैसे भेजने पर टैक्‍स वसूलने से जुड़ा नया नियम बना दिया है. 1 अक्‍टूबर 2020 से ये नियम लागू हो गया है. ऐसे में अगर विदेश में पढ़ रहे बच्‍चे के पास पैसे भेजते हैं या किसी रिश्‍तेदार की आर्थिक मदद करते हैं तो रकम पर 5 फीसदी टैक्‍स कलेक्‍टेड एट सोर्स (TCS-ax Collected at Source) का अतिरिक्‍त भुगतान करना होगा.आयकर विभाग ने सेक्शन 206C (1G) के तहत TCS का दायरा बढ़ाते हुए इसे लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) पर भी लागू करने का फैसला किया है.


रेमिटेंस का मतलब है विदेश में भेजा गया पैसा. रेमिटेंस या तो खर्च (ट्रैवल, शैक्षणिक खर्च आदि) के रूप में हो सकता है या निवेश के रूप में. 1 अक्टूबर 2020 से एक वित्त वर्ष में किसी ग्राहक द्वारा 7 लाख रुपये या इससे ज्यादा का रेमिटेंस भेजा जाता है तो TCS लागू होगा. इस नए नियम की नींव फाइनेंस एक्ट 2020 के जरिए रखी गई है. आपको बता दें कि अब  RBI की LRS स्कीम को जानना पड़ेगा. क्योंकि यहीं स्कीम विदेश में पैसा भेजने की छूट देती है. आइए जानें इसके बारे में.


फाइनेंस एक्ट, 2020 (Finance Act 2020) के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की लिबरलाइज्‍ड रेमिटेंस स्‍कीम (LRS) के तहत विदेश पैसे भेजने वाले व्‍यक्ति को टीसीएस देना होगा. बता दें कि एलआरएस के तहत 2.5 लाख डॉलर सालाना तक भेज सकते हैं, जिस पर कोई टैक्‍स नहीं लगता. इसी को टैक्‍स के दायरे में लाने के लिए टीसीएस देना होगा.


यदि आप विदेश में प्रॉपर्टी की खरीद, निवेश, NRIs को लोन एक्सटेंड किया जाना आदि जैसे एक वित्त वर्ष के भीतर 2.50 लाख डॉलर (करीब 1.50 करोड़ रुपये) तक के कैपिटल अकाउंट ट्रांजेक्शंस की अनुमति देती है. इसके अलावा प्राइवेट/इंप्लॉयमेंट विजिट्स, बिजनेस ट्रिप्स, गिफ्टस, डोनेशन, मेडिकल ट्रीटमेंट, नजदीकी रिश्तेदारों की देखभाल आदि के लिए एक वित्त वर्ष में 2.50 लाख डॉलर तक के करंट अकाउंट ट्रांजेक्शंस की भी अनुमति देती है. इंटरनेशनल ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर क्रेडिट कार्ड के जरिए सामान की खरीद के लिए वायर ट्रान्सफर भी इस स्कीम में शामिल है. 


1 अक्टूबर से Income Tax के नियम बदलने जा रहे हैं. इसमें अब देश से बाहर पैसा भेजने पर भी TCS यानि Tax Collected at Source कटेगा. Income Tax कानून के सेक्शन 206C (1G) के तहत TCS का दायरा बढ़ाते हुए इसे लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) पर भी लागू करने का फैसला किया है. ट्रैवल, पढ़ाई आदि खर्च के साथ ही विदेश में किए गए एक्‍सपेंसेस पर अब यह टैक्स लगेगा. इसकी सीमा 7 लाख रुपए रखी गई है.