1st Bihar Published by: 9 Updated Aug 29, 2019, 11:11:06 AM
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PATNA: बिहार के नियोजित शिक्षकों और सरकार के बीच अब निर्णायक जंग के आसार नजर आने लगे हैं. समान काम के लिए समान वेतन मांग रहे नियोजित शिक्षकों के आंदोलन को खत्म करने करने के लिए सरकार ने आज नया फरमान जारी किया है. 5 सितंबर को इस जंग का फैसला हो सकता है. सरकार का फरमान शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर के महाजन ने आज नया आदेश निकाला है. सभी जिलों में भेजे गये सरकारी पत्र में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर पहले से तय छुट्टी को रद्द कर दिया गया है. सरकार ने कहा है कि शिक्षक दिवस के दिन शिक्षकों का स्कूल में रहना जरूरी है. लिहाजा उस दिन सभी स्कूलों का खुलना हर हाल में तय कराया जाये. स्कूल में हेडमास्टर से लेकर सभी शिक्षक मौजूद रहें. बच्चों के साथ धूम धाम से शिक्षक दिवस मनाया जाये. महाजन के पत्र के मुताबिक इस दिन पहले से छुट्टी घोषित थी, लेकिन अब उस दिन स्कूल खुलेंगे. इस छुट्टी को साल के अंत में मैनेज किया जायेगा. सरकार के पत्र में साफ साफ कहा गया है कि जो भी शिक्षक 5 सितंबर को स्कूल में मौजूद नहीं रहेंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. सरकार ने क्यों निकाला आदेश दरअसल नियोजित शिक्षकों ने समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर आंदोलन का एलान कर दिया है. नियोजित शिक्षकों ने 5 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में जुटने का एलान किया है. नियोजित शिक्षकों ने इसे अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन बनाने की तैयारी की थी. वे काली पट्टी बांध कर सरकार के सामने प्रदर्शन करने वाले थे. अब क्या करेंगे शिक्षक सवाल ये है कि अब नियोजित शिक्षक क्या करेंगे. सरकार ने साफ कर दिया है कि 5 सितंबर को जो भी शिक्षक अपने स्कूल में मौजूद नहीं रहेंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी. देखना होगा कि नियोजित शिक्षक सरकार का फरमान मानते हैं या अपने आंदोलन पर कायम रहते हैं.