New OTT Release 2025: इस वेब सीरीज ने पंचायत को भी पछाड़ा, OTT पर खूब मचा रही धमाल; ग्रामीण जीवन की कहानी ने जीता सबका दिल

New OTT Release 2025: इश्वाक सिंह की नई सीरीज 'मिट्टी - एक नई पहचान' ग्रामीण जीवन, किसानों की समस्याओं और आधुनिक खेती पर आधारित है। OTT पर रिलीज होते ही सीरीज को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Aug 04, 2025, 3:10:05 PM

New OTT Release 2025

- फ़ोटो google

New OTT Release 2025: ग्रामीण जीवन पर आधारित नई वेब सीरीज ‘मिट्टी – एक नई पहचान’ हाल ही में OTT प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर रिलीज़ हुई है, और यह दर्शकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस सीरीज में ‘पाताल लोक’ फेम इश्वाक सिंह मुख्य भूमिका में हैं, जो शहर की नौकरी छोड़कर गांव लौटते हैं और आधुनिक खेती के ज़रिए अपने परिवार का कर्ज चुकाने का निर्णय लेते हैं।


‘पंचायत’ के बाद ग्रामीण कहानियों का क्रेज

OTT दर्शकों के बीच गांव की कहानियों को लेकर खासा क्रेज देखा जा रहा है। जितेंद्र कुमार की हिट सीरीज ‘पंचायत’ के बाद से ही इस तरह की रियलिस्टिक ग्रामीण पृष्ठभूमि वाली कहानियां पसंद की जा रही हैं। हाल ही में 'पंचायत' का चौथा सीज़न आया था, जिसे मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, लेकिन अब सबकी नज़रें इसके पांचवें सीजन पर हैं। इसी बीच ‘मिट्टी – एक नई पहचान’ ने पंचायत जैसी लोकप्रियता हासिल करनी शुरू कर दी है। इससे पहले ‘ग्राम चिकित्सालय’ और ‘सरपंच साहब’ जैसी सीरीज भी रिलीज हुईं, लेकिन ‘मिट्टी’ की IMDB पर 8.5 रेटिंग ने इसे खास बना दिया है।


कहानी में है इमोशन, संघर्ष और नया विज़न

सीरीज की शुरुआत होती है एक कॉर्पोरेट कंपनी से, जहां राघव शर्मा (इश्वाक सिंह) काम करते हैं। अचानक उन्हें अपने पिता का फोन आता है कि दादा जी का निधन हो गया है। राघव गांव लौटते हैं, अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं और तब उन्हें पता चलता है कि दादा पर कर्ज था। जब वह बैंक जाकर कर्ज चुकाने की कोशिश करते हैं, तो वहां दादा के साथ अपमानजनक व्यवहार होता है। 


यही पल उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बन जाता है। राघव तय करते हैं कि अब वह गांव में रहकर मॉर्डन फार्मिंग करेंगे और खुद को साबित करेंगे। इस संघर्ष और बदलाव की यात्रा को ‘मिट्टी – एक नई पहचान’ ने बेहद भावनात्मक और यथार्थपूर्ण तरीके से दिखाया है। कहानी न सिर्फ किसानों की परेशानियों को उजागर करती है, बल्कि गांव के विकास की संभावनाओं को भी सामने लाती है।