Bihar film industry: बिहार अब केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और लोक कलाओं के लिए ही नहीं जाना जा रहा, बल्कि यह फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी तेजी से उभरता हुआ राज्य बन रहा है। राज्य सरकार ने फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने, युवाओं को फिल्म एवं मीडिया शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने तथा छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के माध्यम से इस क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।
राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरें, धार्मिक स्थल और ग्रामीण परिवेश फिल्मकारों को लगातार आकर्षित कर रहे हैं। कैमूर, जहानाबाद, बोधगया, राजगीर, नालंदा, राजधानी पटना, वाल्मीकि नगर और मिथिला क्षेत्र जैसे स्थान अब फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग के प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं।
बिहार राज्य फिल्म वित्त निगम लिमिटेड के अनुसार अब तक 52 फिल्मों की शूटिंग के लिए अनुमति दी जा चुकी है, जिनमें से 48 फिल्मों की शूटिंग पूरी हो चुकी है। हाल ही में चार नई परियोजनाओं‘गिल्टी माइंड’, ‘हथुआ राज’, ‘बिहारी फेमस 22 फूड’ और ‘गुरुद्वारा’ को भी अनुमति मिली है। इनमें ‘गिल्टी माइंड’ एक फीचर फिल्म है, जो विकास प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही है, जबकि अन्य तीन डॉक्यूमेंट्री फिल्में हैं।
फिल्म निर्माताओं की सुविधा के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जिससे शूटिंग की अनुमति प्राप्त करना अब आसान हो गया है। पहले इसके लिए अलग-अलग विभागों में आवेदन करना पड़ता था, लेकिन अब कलाकार और वेंडर बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम की वेबसाइट https://film.bihar.gov.in/ पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।
इसके अलावा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी प्रदान कर रहा है। इस योजना के तहत अब तक 30 विद्यार्थियों को लगभग 19 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
फिल्म वित्त निगम लिमिटेड के परामर्शी अरविंद रंजन दास के अनुसार, फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत राज्य में एक स्वस्थ और सशक्त सिनेमा संस्कृति का विकास हो रहा है, जो आने वाले समय में बिहार को फिल्म निर्माण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।



