Bihar News: केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की नई सलाहकार समिति में बिहार से अभिनेता पंकज त्रिपाठी और वरिष्ठ फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम को शामिल किया गया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अगले तीन साल के लिए 18 सदस्यीय सलाहकार समिति का पुनर्गठन किया है। मुंबई मुख्यालय वाली इस समिति में देश के अलग-अलग हिस्सों से सिनेमा और कला जगत से जुड़े लोगों को जगह दी गई है।
बिहार से दो प्रमुख नामों के शामिल होने को राज्य के फिल्मकारों और क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर रखने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। नई सलाहकार समिति में अभिनेता पंकज त्रिपाठी को शामिल किया गया है। हिंदी सिनेमा में पंकज त्रिपाठी बिहार की पृष्ठभूमि और स्थानीय कहानियों से जुड़े किरदारों के लिए पहचाने जाते हैं। वहीं, वरिष्ठ फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम भी समिति के सदस्य बनाए गए हैं।
अनुपम ने कहा कि समिति में रहते हुए उनकी प्राथमिकता बिहार के फिल्मकारों को अधिक सुविधाएं और सहूलियत दिलाने की होगी। विनोद अनुपम के मुताबिक, भोजपुरी, मैथिली और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों के निर्माण और प्रदर्शन से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए बिहार में CBFC की इकाई खोलने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फिलहाल फिल्मों के प्रमाणन के लिए बिहार के फिल्मकारों को दूसरे शहरों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। राज्य में CBFC की स्थानीय इकाई बनने से प्रमाणन की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो सकती है। अनुपम ने कहा कि समिति में रहते हुए वह बिहार के सिनेमा से जुड़े मुद्दों को सामने रखने का प्रयास करेंगे। उनका जोर ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहित करने पर होगा, जिनमें मनोरंजन के साथ सामाजिक सरोकार भी शामिल हों।
फिल्म प्रमाणन से जुड़े मामलों में नियमों के अनुसार फूहड़ता और असंसदीय भाषा जैसे विषयों पर भी विचार किया जाएगा। समिति के सदस्य फिल्मों से जुड़े प्रमाणन मामलों में निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत अपनी भूमिका निभाएंगे।
18 सदस्यीय नई सलाहकार समिति में फिल्म निर्देशक प्रियदर्शन, अभिनेता मनोज जोशी, सुनील शेट्टी, पल्लवी जोशी, रूपाली गांगुली, प्रसेनजीत चटर्जी और प्रीति जिंटा समेत सिनेमा जगत के कई चर्चित नाम शामिल हैं। इसके अलावा संगीतकार रिकी केज और फिल्म निर्माण से जुड़े अन्य विशेषज्ञों को भी समिति में जगह दी गई है।
बिहार से पंकज त्रिपाठी और विनोद अनुपम की मौजूदगी से भोजपुरी और मैथिली सिनेमा से जुड़े मुद्दों को CBFC की सलाहकार समिति के स्तर पर सामने रखने का अवसर मिलेगा। खास तौर पर क्षेत्रीय फिल्मों के प्रमाणन और उनसे जुड़ी सुविधाओं को लेकर बिहार के फिल्मकारों की समस्याएं समिति के सामने रखे जाने की उम्मीद है।





