ब्रेकिंग
दिवाली-छठ से पहले शिक्षकों- कर्मियों को मिलेगी सैलरी, शिक्षा मंत्री की पहल पर सरकार का फैसला✦वैभव सूर्यवंशी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बिहार सीनियर क्रिकेट टीम के कप्तान बने✦CBSE 10वीं-12वीं परीक्षा 2027 की डेटशीट जारी, इस दिन से शुरू होंगी परीक्षाएं; यहां देखें पूरी जानकारी✦सरेंडर से पहले अनंत सिंह ने दिखाया दम: प्रयागराज जाने के दौरान हुआ भव्य स्वागत, कहीं फूलों की बारिश तो कहीं पहनाया गया चांदी का मुकुट✦सुरक्षित आंखें...सुरक्षित दिवाली: पटाखों से आंखों में चोट लगी तो चिंता नहीं, 15 साल से कम उम्र के बच्चों का मुफ्त इलाज करेगा एएसजी आई हॉस्पिटल✦दिवाली-छठ से पहले शिक्षकों- कर्मियों को मिलेगी सैलरी, शिक्षा मंत्री की पहल पर सरकार का फैसला✦वैभव सूर्यवंशी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बिहार सीनियर क्रिकेट टीम के कप्तान बने✦CBSE 10वीं-12वीं परीक्षा 2027 की डेटशीट जारी, इस दिन से शुरू होंगी परीक्षाएं; यहां देखें पूरी जानकारी✦सरेंडर से पहले अनंत सिंह ने दिखाया दम: प्रयागराज जाने के दौरान हुआ भव्य स्वागत, कहीं फूलों की बारिश तो कहीं पहनाया गया चांदी का मुकुट✦सुरक्षित आंखें...सुरक्षित दिवाली: पटाखों से आंखों में चोट लगी तो चिंता नहीं, 15 साल से कम उम्र के बच्चों का मुफ्त इलाज करेगा एएसजी आई हॉस्पिटल

Vastu Tips: घर की इस दिशा के वास्तु दोष से कैसे बचें? अपनाएं ये उपाय और पाएं आर्थिक सफलता

Vastu Tips: घर की दक्षिण-पूर्व दिशा का वास्तु शास्त्र में खास महत्व है। इस दिशा में सही उपाय करने से आर्थिक समृद्धि और सफलता मिलती है। जानिए किन गलतियों से बचें और कैसे करें सही वास्तु सुधार।

Vastu Tips
वास्तु शास्त्र
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
2 मिनट

Vastu Tips:  अगर आप अपने घर की दक्षिण-पूर्व दिशा (South-East Direction) की अनदेखी कर रहे हैं, तो यह आपके लिए गंभीर वास्तु समस्याओं का कारण बन सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह दिशा अग्नि तत्व का प्रतीक है और इसका सीधा संबंध धन, समृद्धि और आर्थिक स्थिरता से होता है। इस दिशा में वास्तु दोष होता है, जैसे – दरवाज़ा, बड़ी खिड़की, शौचालय या भारी सामान का होना, तो इससे घर के लोगों की आर्थिक तरक्की रुक सकती है और मानसिक अशांति भी बनी रहती है।


इस दिशा में रसोई (किचन) का होना शुभ माना जाता है, परंतु ध्यान रखें कि चूल्हे का मुख पूर्व दिशा की ओर हो। साथ ही, इस कोने में टीवी या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स रखना भी लाभकारी होता है क्योंकि यह अग्नि तत्व को संतुलित करता है और समय की बर्बादी रोकता है। इस दिशा में किसी भी प्रकार का जल तत्व (जैसे सिंक या वॉशरूम) या बेडरूम नहीं होना चाहिए क्योंकि ये आर्थिक समस्याएं और पारिवारिक असंतुलन ला सकते हैं।


अगर आपके घर का मुख्य द्वार दक्षिण-पूर्व दिशा में है, तो उस पर वास्तु पिरामिड लगाकर नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को कम किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, इस दिशा में मनी प्लांट लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि यह धन वृद्धि में सहायक होता है। इस दिशा में टूटी-फूटी वस्तुएं या कबाड़ नहीं रखें, इससे आर्थिक हानि हो सकती है।


घर की पूर्व और उत्तर दिशा को खुला और रोशनी से भरा रखना चाहिए, ताकि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे। यदि घर में नकारात्मकता महसूस हो रही हो, तो एक कटोरे में समुद्र का खारा पानी भरकर रखें और उसे हर हफ्ते बदलें। यह एक प्रभावी उपाय माना गया है जो नेगेटिव एनर्जी को सोखता है और वातावरण को शुद्ध करता है।

टैग्स