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Summer Vacation in Himachal: भीड़ से दूर छिपी एक जादुई झील… जहां पहुंचते ही लगेगा जैसे किसी सपनों की दुनिया में आ गए हों

हिमाचल की वादियों में छिपा एक ऐसा जादुई स्थान, जहां पहुंचते ही लगेगा कि आप सपनों की दुनिया में आ गए हैं। पाराशर लेक की शांत झील, तैरता हुआ द्वीप और हरियाली से घिरी वादियां आपको सुकून और रोमांच का एक अनोखा अनुभव देती हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 26, 2026, 1:41:52 PM

Summer Vacation in Himachal: भीड़ से दूर छिपी एक जादुई झील… जहां पहुंचते ही लगेगा जैसे किसी सपनों की दुनिया में आ गए हों

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Summer Vacation in Himachal: गर्मियों का मौसम आते ही हर किसी का मन ठंडी और सुकून भरी जगहों की ओर भागने लगता है। खासकर जब छुट्टियां हों, तो लोग ऐसी जगह की तलाश करते हैं जहां शांति हो, प्राकृतिक सुंदरता हो और भीड़-भाड़ से दूर कुछ सुकून भरे पल बिताए जा सकें। अगर आप भी इस बार कुछ अलग और खास एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो हिमाचल प्रदेश की वादियों में बसी पाराशर लेक आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकती है।


मंडी जिले में स्थित यह खूबसूरत झील समुद्र तल से करीब 2,730 मीटर की ऊंचाई पर बसी हुई है। चारों तरफ फैले हरे-भरे घास के मैदान, दूर-दूर तक दिखाई देने वाले बर्फ से ढके पहाड़ और ठंडी हवाओं का एहसास—यह सब मिलकर इस जगह को किसी स्वर्ग से कम नहीं बनाते। यहां पहुंचते ही ऐसा महसूस होता है जैसे आप किसी पेंटिंग या पोस्टकार्ड की दुनिया में आ गए हों।


झील की सबसे अनोखी खासियत

पाराशर लेक की सबसे खास और आकर्षक बात है इसका “तैरता हुआ द्वीप”। झील के बीच में मौजूद यह छोटा सा टापू मौसम के अनुसार अपनी जगह बदलता रहता है। यह प्राकृतिक रहस्य आज भी लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। जब आप इस नजारे को अपनी आंखों से देखते हैं, तो यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि यह सब प्रकृति का कमाल है।


सफर भी उतना ही खूबसूरत जितनी मंजिल

पाराशर लेक तक पहुंचने का सफर भी उतना ही रोमांचक है जितनी इसकी मंजिल। ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। घने देवदार के जंगल, पहाड़ी पगडंडियां, खुली वादियां और हर मोड़ पर बदलते नजारे—यह ट्रेक आपके सफर को यादगार बना देता है। लगभग 7 से 9 किलोमीटर का यह ट्रेक शुरुआती और मीडियम लेवल के ट्रेकर्स के लिए बिल्कुल उपयुक्त है, जिसे 4 से 5 घंटे में पूरा किया जा सकता है।


यहां क्या-क्या करें

शांत माहौल में सुकून के पल बिताएं


अगर आप शहर की भागदौड़ से दूर कुछ समय खुद के साथ बिताना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। झील के किनारे बैठकर ठंडी हवाओं का आनंद लेना, पानी में झलकते पहाड़ों को देखना और प्रकृति की आवाजों को महसूस करना एक अनोखा अनुभव देता है।


पाराशर ऋषि मंदिर के दर्शन

झील के किनारे स्थित यह प्राचीन मंदिर इस जगह को धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व देता है। इसकी लकड़ी की खूबसूरत बनावट और शांत वातावरण मन को शांति से भर देता है। यहां आकर एक अलग ही सकारात्मक ऊर्जा का एहसास होता है।


एडवेंचर और ट्रेकिंग का मजा

अगर आपको एडवेंचर पसंद है, तो यहां का ट्रेक जरूर ट्राई करें। रास्ते में मिलने वाले प्राकृतिक दृश्य, छोटे-छोटे झरने और पहाड़ी रास्ते इस अनुभव को और खास बना देते हैं।


फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी

यह जगह फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का नजारा बेहद मनमोहक होता है। हर एंगल से यहां की तस्वीरें शानदार आती हैं, जिन्हें आप जिंदगी भर याद रखेंगे।


कैसे पहुंचे पाराशर लेक

दिल्ली से पाराशर लेक तक पहुंचना काफी आसान है। आप सड़क मार्ग से चंडीगढ़ और फिर मंडी होते हुए यहां पहुंच सकते हैं। यह सफर लगभग 12 से 14 घंटे का होता है। मंडी से बग्गी गांव तक गाड़ी से पहुंचने के बाद आपको ट्रेकिंग करनी होती है।


इसके अलावा, आप बस या ट्रेन से भी चंडीगढ़ या मंडी तक पहुंच सकते हैं और वहां से टैक्सी लेकर आगे का सफर तय कर सकते हैं। हवाई मार्ग से आने वाले यात्री भुंतर एयरपोर्ट तक फ्लाइट लेकर वहां से सड़क मार्ग से मंडी पहुंच सकते हैं।


क्यों बन रही है ट्रैवलर्स की पसंद?

पाराशर लेक अभी भी बाकी हिल स्टेशनों की तुलना में कम भीड़भाड़ वाली जगह है, यही वजह है कि यहां का प्राकृतिक सौंदर्य आज भी काफी हद तक अछूता है। यहां का शांत माहौल, साफ-सुथरा वातावरण और मनमोहक दृश्य हर किसी का दिल जीत लेते हैं।


अगर आप इस गर्मी में किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं जहां सुकून भी हो, एडवेंचर भी और खूबसूरत यादें भी—तो पाराशर लेक आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल होनी चाहिए। यहां का हर पल आपको प्रकृति के और करीब ले जाता है और एक अलग ही दुनिया का एहसास कराता है।