ब्रेकिंग
विक्रमशिला सेतु पर इस दिन से वाहनों की आवाजाही होगी बंद, समानांतर पॉन्टून ब्रिज बनाने की केंद्र से मांग‘Reel में उलझाकर युवाओं को बनाया जा रहा मजदूर’, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया को बताया 21वीं सदी का नशापूजा का प्रसाद खाते ही बिगड़ी 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत, गांव में मची अफरातफरी; उल्टी-दस्त से हड़कंप‘हत्यारों को सजा मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष’, रोहतास में हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिले तेजस्वीमुकेश सहनी का बड़ा ऐलान... 2027 से पहले निषाद आरक्षण नहीं मिला तो ‘वोट नहीं’, गंगाजल हाथ में लेकर दिलाया संकल्पविक्रमशिला सेतु पर इस दिन से वाहनों की आवाजाही होगी बंद, समानांतर पॉन्टून ब्रिज बनाने की केंद्र से मांग‘Reel में उलझाकर युवाओं को बनाया जा रहा मजदूर’, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया को बताया 21वीं सदी का नशापूजा का प्रसाद खाते ही बिगड़ी 100 से ज्यादा लोगों की तबीयत, गांव में मची अफरातफरी; उल्टी-दस्त से हड़कंप‘हत्यारों को सजा मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष’, रोहतास में हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिले तेजस्वीमुकेश सहनी का बड़ा ऐलान... 2027 से पहले निषाद आरक्षण नहीं मिला तो ‘वोट नहीं’, गंगाजल हाथ में लेकर दिलाया संकल्प

Jharkhand News: राज्य की पहली कमर्शियल कोयला खदान में उत्पादन शुरू, पलामू को मिलेगा बड़ा फायदा

झारखंड के खनन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है, जहां राज्य की पहली कमर्शियल कोयला खदान, राजहरा नॉर्थ कोल माइंस में उत्पादन शुरू हो गया है। केंद्र सरकार की समय सीमा से पहले ही खदान का संचालन शुरू कर दिया गया।

Jharkhand News
Jharkhand News
© Jharkhand News
User1
3 मिनट

झारखंड में कोयला खनन के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। राज्य की पहली कमर्शियल कोयला खदान राजहरा नॉर्थ कोल माइंस में कोयला उत्पादन शुरू हो गया है। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने खदान का उद्घाटन किया। केंद्र सरकार ने इस खदान से सितंबर 2025 तक उत्पादन शुरू करने की शर्त रखी थी, लेकिन फेयर माइन कार्बन प्राइवेट लिमिटेड ने समय से पहले ही जनवरी में उत्पादन शुरू कर दिया।


22 लाख मीट्रिक टन कोयले का भंडार, 500 से अधिक को मिलेगा रोजगार

राजहरा नॉर्थ कोल माइंस में करीब 22 लाख मीट्रिक टन कोयले का भंडार है और इसे 30 वर्षों के लिए फेयर माइन कार्बन प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित किया गया है। खदान के चालू होने से इलाके के 500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और सैकड़ों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, इस कोयला परियोजना से झारखंड सरकार को करीब 100 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।


सरकार और कंपनी का विकास पर जोर

उद्घाटन समारोह में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि यह परियोजना इलाके में आर्थिक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पलामू में बंद पड़ी कोयला खदानों को फिर से शुरू करने के लिए सरकार जल्द ही नई पहल करेगी। वहीं, सांसद विष्णु दयाल राम ने भी अन्य कोयला परियोजनाओं को जल्द शुरू करने की बात कही।

फेयर माइन कार्बन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक समीर लोहिया ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य सिर्फ कोयला उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह स्थानीय विकास में भी योगदान देगी।


खनन क्षेत्र में विकास की नई उम्मीदें

राजहरा नॉर्थ कोल माइंस का समय से पहले चालू होना न सिर्फ झारखंड के खनन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि इससे पलामू और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार, बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। आने वाले समय में, सरकार की योजना अगर अन्य बंद खदानों को भी चालू करने की होती है, तो इससे राज्य के कोयला उत्पादन और राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।