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क्या आपका WiFi कर रहा है आपकी जासूसी? BFId टेक्नोलॉजी को लेकर एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता, कहा..यह CCTV से भी ज्यादा खतरनाक

नई रिसर्च में दावा किया गया है कि WiFi सिग्नल और AI आधारित BFId तकनीक की मदद से बिना कैमरे और स्मार्ट डिवाइस के भी घर में मौजूद लोगों की पहचान और गतिविधियों को ट्रैक किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने इसे भविष्य में प्राइवेसी के लिए बड़ी चुनौती बताया है।

दिल्ली न्यूज
क्या WiFi रख रहा हर गतिविधियों पर नजर?
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

DESK:अभी के समय में अधिकांश लोग WiFi राउटर को सिर्फ इंटरनेट उपलब्ध कराने वाले एक सामान्य उपकरण के रूप में देखते हैं। लेकिन हाल ही में सामने आई एक रिसर्च ने इस धारणा को बदल कर रख दिया है। रिसर्च करने वालों का दावा है कि WiFi सिग्नल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से किसी व्यक्ति की पहचान की जा सकती है और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है, वह भी बिना किसी मोबाइल फोन, कैमरे या अन्य गैजेट के संभव है। 


जर्मनी के कार्लस्रू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (KIT) के शोधकर्ताओं ने 'बीमफॉर्मिंग फीडबैक इंफॉर्मेशन' (BFId) नामक तकनीक विकसित की है। यह तकनीक सामान्य WiFi सिग्नल्स और मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म का उपयोग कर यह पहचानने में सक्षम है कि किसी घर या कमरे में कौन मौजूद है। साफ शब्दों में कहें तो यह आपके ही घर में रहकर आप ही को ट्रैक कर सकता है। इस खबर ने लोगों को चिंता में डाल दिया है।


शोधकर्ताओं के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति का शरीर WiFi की रेडियो तरंगों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करता है। किसी व्यक्ति की कद-काठी, चलने का तरीका, शरीर की बनावट और उसकी गतिविधियां सिग्नल में एक विशेष प्रकार का पैटर्न छोड़ती हैं। BFId तकनीक इन्हीं पैटर्न का विश्लेषण कर व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास करती है।


रिपोर्ट के मुताबिक, नियंत्रित परिस्थितियों में यह तकनीक 99.5 प्रतिशत तक की सटीकता के साथ लोगों की पहचान करने में सफल रही है। जब कोई व्यक्ति WiFi सिग्नल वाले क्षेत्र से गुजरता है, तो उसका शरीर रेडियो तरंगों के प्रवाह को प्रभावित करता है। AI आधारित सिस्टम इन बदलावों को रिकॉर्ड कर उनका विश्लेषण करता है और अलग-अलग व्यक्तियों के बीच अंतर पहचान लेता है।


हालांकि, इस तकनीक को लेकर प्राइवेसी विशेषज्ञों ने चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि यदि इसका गलत इस्तेमाल हुआ तो बिना कैमरे लगाए किसी व्यक्ति की मौजूदगी, गतिविधियों और दिनचर्या पर नजर रखी जा सकती है। यह तकनीक उन स्थानों तक भी निगरानी की क्षमता रखती है जहां सामान्य CCTV कैमरे नहीं पहुंच पाते। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट होम, स्वास्थ्य निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के क्षेत्र में यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है, लेकिन इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े गोपनीयता नियम और सुरक्षा मानक बनाना आवश्यक होगा।


हालांकि, शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में सामान्य घरेलू WiFi राउटर लोगों की जासूसी नहीं कर रहे हैं। यह अध्ययन केवल यह दर्शाता है कि भविष्य में AI और उन्नत तकनीकों के साथ WiFi नेटवर्क में ऐसी क्षमताएं विकसित की जा सकती हैं। जैसे-जैसे यह टेक्नोलॉजी आगे बढ़ेगी, प्राइवेसी को सबसे ज्यादा अहमियत देनी होगी। इसलिए तकनीक के विकास के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं की निजता और डेटा सुरक्षा पॉलिसी मेकर्स और टेक कंपनियों को कुछ सख्त सीमाएं तय करनी होंगी, नहीं तो उन्हें इस तरह के इनोवेशन की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

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