ब्रेकिंग
न्याय की मांग करने वाले भरत तिवारी के चचेरे भाई आशीष तिवारी सस्पेंड, मोतिहारी पुलिस ने शुरू की विभागीय कार्रवाईबिहार की जेलों में बड़ा फेरबदल: 30 उपाधीक्षकों का तबादला, कई जेलों में नई तैनाती, देखिये पूरी लिस्टPMCH के प्रिंसिपल पर कार्रवाई से पहले निशांत ने कराई जासूसी, नौकरी छोड़ने का ऐलान करने वाले प्रिंसिपल को नहीं मिलेगा वीआरएस, होगी कड़ी कार्रवाईदो करोड़ की लूट की साजिश नाकाम, कैश डिलीवरी कंपनी का कर्मी निकला मास्टरमाइंड, तीन अपराधी गिरफ्तारअनुकंपा पर नौकरी पाने के लिए बेटे ने बाप की करवाई हत्या, 10 लाख की सुपारी देकर रची खौफनाक साजिशन्याय की मांग करने वाले भरत तिवारी के चचेरे भाई आशीष तिवारी सस्पेंड, मोतिहारी पुलिस ने शुरू की विभागीय कार्रवाईबिहार की जेलों में बड़ा फेरबदल: 30 उपाधीक्षकों का तबादला, कई जेलों में नई तैनाती, देखिये पूरी लिस्टPMCH के प्रिंसिपल पर कार्रवाई से पहले निशांत ने कराई जासूसी, नौकरी छोड़ने का ऐलान करने वाले प्रिंसिपल को नहीं मिलेगा वीआरएस, होगी कड़ी कार्रवाईदो करोड़ की लूट की साजिश नाकाम, कैश डिलीवरी कंपनी का कर्मी निकला मास्टरमाइंड, तीन अपराधी गिरफ्तारअनुकंपा पर नौकरी पाने के लिए बेटे ने बाप की करवाई हत्या, 10 लाख की सुपारी देकर रची खौफनाक साजिश

सेना में महिला अधिकारियों को मिलेगा स्थाई कमीशन, SC ने केंद्र सरकार को लगाई फटकार

DELHI: सेना में महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन मिलने के मुद्दे पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के विरोध को सिरे से नकारते हुए महिला अधिकारिय

FirstBihar
Khushboo Gupta
2 मिनट

DELHI: सेना में महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन मिलने के मुद्दे पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के विरोध को सिरे से नकारते हुए महिला अधिकारियों के पक्ष में अपना फैसला सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सेना में महिला अधिकारियों को स्थाई कमीशन मिलेगा. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगाते हुए कहा है कि महिलाओं को कमांड पोस्टिंग मिलनी चाहिए, ये उनका अधिकार है.

दरअसल केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सेना में महिला अधिकारियों की नियुक्ति विकासवादी प्रक्रिया है. आपको बता दें कि साल 2010 में दिल्ली हाईकोर्ट से लड़ाई जीतने के बावजूद महिला अधिकारियों को सरकार के रवैये के चलते अपना हक नहीं मिला.


हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब रोक नहीं लगाई गई, फिर भी केंद्र ने हाईकोर्ट के फैसले को लागू क्यों नहीं किया. हाईकोर्ट के फैसले पर कार्रवाई करने का कोई कारण नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी नागरिकों को अवसर की समानता, लैंगिक न्याय..सेना में महिलाओं की भागीदारी का मार्गदर्शन करेगा. महिलाओं की शारीरिक विशेषताओं पर केंद्र के विचारों को कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा कि केंद्र दृष्टिकोण और मानसिकता में बदलाव करे, सेना में सच्ची समानता लानी होगी. 



टैग्स