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BJP का दामन थामते ही राघव को बड़ा झटका, चड्ढा ने इंस्टाग्राम पर खो दिया 10 लाख फॉलोअर्स

राघव चड्ढा के बीजेपी में शामिल होते ही सोशल मीडिया पर बड़ा असर देखने को मिला। महज 24 घंटे में उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स करीब 10 लाख घट गए, जिसे लेकर ‘अनफॉलो अभियान’ की चर्चा तेज हो गई है।

दिल्ली न्यूज
चड्ढा से गुस्साए लोगों ने किया अनफॉलो
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

DESK: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दिल्ली की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इतना ही नहीं, उनके साथ छह अन्य राज्यसभा सांसदों के भी भाजपा में शामिल होने की खबर है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। भाजपा का दामन थामने से गुस्साए लोगों ने चड्ढा को अनफॉलो करना शुरू कर दिया है। चड्ढा के इंस्टाग्राम पर एक साथ 10 लाख लोगों ने उनका वीडियो देखना बंद कर दिया है। 24 घंटे में 10 लाख फॉओअर्स चड्डा के कम हो गये हैं। 


दरअसल, कुछ समय पहले राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए थे। तभी से उनके बीजेपी में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं, जो अब सच साबित हुईं। हालांकि, उनके इस फैसले को देश के युवाओं से अपेक्षित समर्थन मिलता नजर नहीं आ रहा है।


सोशल मीडिया के इस दौर में किसी भी नेता की लोकप्रियता का एक बड़ा पैमाना उसके फॉलोअर्स की संख्या होती है। राघव चड्ढा ने संसद में आम जनता और मध्यम वर्ग से जुड़े मुद्दों को उठाकर युवाओं के बीच खास पहचान बनाई थी, जिससे उनके फॉलोअर्स में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी। लेकिन बीजेपी में शामिल होने के बाद तस्वीर बदल गई।


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा जॉइन करने के महज 24 घंटे के भीतर उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में करीब 10 लाख की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार तक जहां उनके फॉलोअर्स 1.46 करोड़ थे, वहीं शनिवार दोपहर तक यह संख्या घटकर 1.35 करोड़ रह गई।


सोशल मीडिया पर चला ‘अनफॉलो अभियान’

एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर दावा किया कि जेनरेशन Z के ‘अनफॉलो अभियान’ के कारण राघव चड्ढा के फॉलोअर्स में इतनी बड़ी गिरावट आई है। उन्होंने लिखा, “इंटरनेट आपको रातोंरात हीरो बना सकता है और उतनी ही तेजी से आपको शून्य पर भी ला सकता है।”


राघव चड्ढा की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह उनकी अलग तरह की राजनीति रही है। उन्होंने संसद में ट्रैफिक, टेलीकॉम कंपनियों के डेटा लिमिट और एयरपोर्ट पर महंगे समोसे जैसे आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठाए, जिससे युवाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ बनी। इतना ही नहीं, उन्होंने गिग वर्कर्स की समस्याओं को समझने के लिए एक दिन ‘ब्लिंकिट’ डिलीवरी पार्टनर के रूप में भी काम किया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने 10 मिनट की अनिवार्य डिलीवरी समय सीमा को हटाने का निर्देश दिया था।




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