ब्रेकिंग
कमरे में फंदे से लटका मिला पति-पत्नी का शव, बेटी ने बड़े भाई पर लगाया हत्या का आरोपचिनी मिल जमीन फर्जीवाड़ा मामले में एक्शन, राजस्व कर्मचारी सस्पेंड; डीएम ने दिए जांच के आदेशबिहार के बैंक में 3.80 करोड़ का फ्रॉड, दो बैंक मैनेजर समेत 28 लोगों के खिलाफ केस दर्जमैरिज एनिवर्सरी के आठ दिन बाद चौथी मंजिल से गिरकर युवक की संदिग्ध मौत, दो शादियों की कहानी आई सामनेBihar News : PMCH के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. एनपी सिंह की मुश्किलें बढ़ीं,बॉडीगार्ड के बयान ने बदली कहानी कमरे में फंदे से लटका मिला पति-पत्नी का शव, बेटी ने बड़े भाई पर लगाया हत्या का आरोपचिनी मिल जमीन फर्जीवाड़ा मामले में एक्शन, राजस्व कर्मचारी सस्पेंड; डीएम ने दिए जांच के आदेशबिहार के बैंक में 3.80 करोड़ का फ्रॉड, दो बैंक मैनेजर समेत 28 लोगों के खिलाफ केस दर्जमैरिज एनिवर्सरी के आठ दिन बाद चौथी मंजिल से गिरकर युवक की संदिग्ध मौत, दो शादियों की कहानी आई सामनेBihar News : PMCH के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. एनपी सिंह की मुश्किलें बढ़ीं,बॉडीगार्ड के बयान ने बदली कहानी

अब पूरी दुनिया में लगेगी सीरम इंस्टीट्यूट की कोरोना वैक्सीन, WHO ने दी आपात इस्तेमाल की मंजूरी

DESK : अब पूरी दुनिया में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा बनाई गई ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी.सीरम इंस्टीट्यूट की कोरोना वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य

अब पूरी दुनिया में लगेगी सीरम इंस्टीट्यूट की कोरोना वैक्सीन, WHO ने दी आपात इस्तेमाल की मंजूरी
Anamika
2 मिनट

DESK : अब पूरी दुनिया में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा बनाई गई ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी.सीरम इंस्टीट्यूट की कोरोना वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन  ने भी आपातकाल इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही अब सीरम इंस्टीट्यूट का इस्तेमाल दुनिया के गरीब देशों में कोरोना के टीकाकरण के लिए किया जाएगा.

सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के दो वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की अनुमति दी है, ये दोनों ही वैक्सीन ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका ने बनाए हैं. जिसमें से एक वैक्सीन भारत की सीरम इंस्टीट्यूट बनाती है और दूसरी वैक्सीन दक्षिण कोरिया की एसके बायो नाम की कंपनी बनाती है. दोनों वैक्सीन को मंजूरी देते हुए WHOके  प्रमुख ‎टेड्रोस एडहानॉम ने कहा कि इस ग्रीन सिग्नल के साथ ही अब कोवैक्स प्रोग्राम के तहत दुनिया के कई देशों में इस वैक्सीन को दिए जाने का रास्ता खुल गया है. 

बता दें कि कोवैक्स प्रोग्राम के जरिए दुनिया के निर्धन देशों को WHO के द्वारा कोरोना की वैक्सीन पहुंचाई जा रही है. जिसके लिए दो वैक्सीन को मंजूरी दी गई है. WHO के अनुसार दुनिया के जिन देशों को अबतक वैक्सीन नहीं मिल पाई थी और जहां की आबादी कोरोना के खतरे झेल रही थी वहां पर अब कोरोना टीकाकरण अभियान की शुरुआत की जा सकेगी.