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गोलगप्पे खाने से 18 बच्चे बीमार, एक की हालत गंभीर, फूड पॉइजनिंग की आशंका

पानीपुरी खाने के बाद 18 बच्चे बीमार पड़ गए। सभी को उल्टी, दस्त और तेज बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि एक बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है।

तेलंगाना न्यूज
जांच में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीम
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

DESK:स्ट्रीट फूड का शौक कभी-कभी आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। गोलगप्पे खाने से 18 बच्चे बीमार हो गये हैं, उनमें एक की हालत ज्यादा गंभीर बतायी जा रही है। आनन-फानन में सभी बच्चों को इलाज के लिए पास के अस्पताल में एडमिट कराया गया है। 


घटना तेलंगाना के राजन्ना सिरसिल्ला जिले की है। जहां तंगल्लापल्ली मंडल स्थित केसीआर नगर कॉलोनी में पानीपुरी बेची जा रही थी। कॉलोनी के कई बच्चों ने गोलगप्पे खाई लेकिन कुछ ही देर बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।गोलगप्पे खाने के बाद बच्चों को अचानक पेट में तेज दर्द, उल्टी, दस्त और तेज बुखार की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते 18 बच्चे बीमार पड़ गए। 


बच्चों की हालत बिगड़ता देख कुछ परिजन आनन-फानन में सिरिसिल्ला के सरकारी अस्पताल पहुंचे तो कुछ पास के प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे। जिसके बाद सभी बच्चों का डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। एक बच्चे की हालत ज्यादा खराब हो गयी। जिसकी पहचान ऋषिकेश के रूप में हुई है। उसे तेज बुखार के साथ दौरे भी पड़ने लगे। डॉक्टरों की विशेष टीम की निगरानी में ऋषिकेश का इलाज चल रहा है।  वहीं, अन्य 17 बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है।


फूड पॉइजनिंग की आशंका

सभी बच्चों में एक जैसे लक्षण सामने आने के बाद शुरुआती जांच में इसे फूड पॉइजनिंग का मामला माना जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। डॉक्टर बच्चों की बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विभिन्न जांच कर रहे हैं।


स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पानीपुरी में इस्तेमाल किए गए पानी और खाद्य सामग्री के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों की तबीयत खराब होने के पीछे दूषित भोजन-पानी जिम्मेदार था या फिर किसी अन्य जहरीले पदार्थ की मिलावट की गई थी। फिलहाल प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और मेडिकल टीम लगातार बच्चों की सेहत पर नजर बनाए हुए है। रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।


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