ब्रेकिंग
बिहार को मोदी सरकार की बड़ी सौगात, इस जिले के लोग होंगे मालामाल; जानें क्या है पूरी खबरवसूलीबाज थानेदार गिरफ्तार, हाजत में बंदकर वसूलता था पैसा, SP ने पहुंचा दिया हवालातबेतिया GMCH में मां के बच्ची को गोद में लेकर पहुंचने की तस्वीर वायरल, अस्पताल ने स्ट्रेचर नहीं मिलने के आरोप का किया खंडन, महिला ने भी दी सफाईमधेपुरा में जमीन फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा! पूर्व DCLR, 2 CO समेत 7 के खिलाफ FIR, कोर्ट के आदेश के एक साल बाद हुई कार्रवाईपटना में कोलकाता की डांसर रोजी खातून की संदिग्ध मौत, दोस्त के फ्लैट में मिली लाशबिहार को मोदी सरकार की बड़ी सौगात, इस जिले के लोग होंगे मालामाल; जानें क्या है पूरी खबरवसूलीबाज थानेदार गिरफ्तार, हाजत में बंदकर वसूलता था पैसा, SP ने पहुंचा दिया हवालातबेतिया GMCH में मां के बच्ची को गोद में लेकर पहुंचने की तस्वीर वायरल, अस्पताल ने स्ट्रेचर नहीं मिलने के आरोप का किया खंडन, महिला ने भी दी सफाईमधेपुरा में जमीन फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा! पूर्व DCLR, 2 CO समेत 7 के खिलाफ FIR, कोर्ट के आदेश के एक साल बाद हुई कार्रवाईपटना में कोलकाता की डांसर रोजी खातून की संदिग्ध मौत, दोस्त के फ्लैट में मिली लाश

नागरिकता संशोधन विधेयक बना कानून, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी मंजूरी

DELHI: संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद नागरिकता संशोधन बिल पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपना हस्ताक्षर कर दिया है. गुरुवार देर रात राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह ब

FirstBihar
Khushboo Gupta
2 मिनट

DELHI: संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद नागरिकता संशोधन बिल पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपना हस्ताक्षर कर दिया है. गुरुवार देर रात राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह बिल अब कानून बन गया है. इससे पहले सोमवार को लोकसभा और बुधवार को राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल को मतविभाजन के बाद पास कर दिया गया था.


इससे पहले विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया. इस कानून के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध तरीके से रहने वाले अप्रवासियों के लिए अपने निवास का कोई प्रमाण पत्र नहीं होने के बावजूद नागरिकता हासिल करना आसान हो जाएगा. राज्यसभा में यह बिल 125 के मुकाबले 105 मतों से पास हुआ. वहीं लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 311 सांसदों ने वोट दिया जबकि 80 सांसदों ने इसके खिलाफ वोटिंग की थी. 


इस कानून के अनुसार हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के जो सदस्य 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हैं उन्हें 5 साल तक भारत में रहने के बाद भारत की नागरिकता दी जाएगी. अभी तक यह समय सीमा 11 साल की थी.


टैग्स