ब्रेकिंग
बिहार में चीनी कारोबारियों पर बड़ी सख्ती, 400 टन से ज्यादा स्टॉक मिला तो FIR; मिलों के लिए भी 7 दिन का नियमबिहार वालों सावधान! आज कई जिलों में झमाझम बारिश के साथ वज्रपात का खतरा, मौसम विभाग का अलर्टBihar News ; GEN - Z तक पहुंचने के लिए सम्राट सरकार का नया दांव! Instagram-टेलीग्राम पर होगी योजनाओं की तगड़ी ब्रांडिंगबिहार में DJ और प्रेशर हॉर्न वालों की बढ़ी मुश्किल! रात 9:55 के बाद बजाया तो होगी कार्रवाईAK-47 बरामदगी मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी को मुजफ्फरपुर से दबोचा बिहार में चीनी कारोबारियों पर बड़ी सख्ती, 400 टन से ज्यादा स्टॉक मिला तो FIR; मिलों के लिए भी 7 दिन का नियमबिहार वालों सावधान! आज कई जिलों में झमाझम बारिश के साथ वज्रपात का खतरा, मौसम विभाग का अलर्टBihar News ; GEN - Z तक पहुंचने के लिए सम्राट सरकार का नया दांव! Instagram-टेलीग्राम पर होगी योजनाओं की तगड़ी ब्रांडिंगबिहार में DJ और प्रेशर हॉर्न वालों की बढ़ी मुश्किल! रात 9:55 के बाद बजाया तो होगी कार्रवाईAK-47 बरामदगी मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी को मुजफ्फरपुर से दबोचा

लॉकडाउन में अब राम जी करेंगे बेड़ापार, सरकार का फैसला

PATNA : कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश भर में 21 दिन का लॉकडाउन जारी है। लॉकडाउन के दूसरे दिन ही लोग घरों में ऊबने लगे हैं। इसके लिए उनके पास इंटरन

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

PATNA : कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश भर में 21 दिन का लॉकडाउन जारी है। लॉकडाउन के दूसरे दिन ही लोग घरों में ऊबने लगे हैं।  इसके लिए उनके पास इंटरनेट के अलावा टेलीविजन भी एक सहारा है। लोग इसमें अच्छे कार्यक्रम की तलाश में हैं। इस बीच केन्द्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार अब रामायण का प्रसारण फिर से शुरु करने जा रही है। 



देश के सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि जनता की मांग पर कल शनिवार 28 मार्च से 'रामायण' का प्रसारण पुनः दूरदर्शन के नेशनल चैनल पर शुरू होगा।  पहला एपिसोड सुबह 9.00 बजे और दूसरा एपिसोड रात 9.00 बजे होगा । 


25 जनवरी, 1987 से 31 जुलाई, 1988 तक यानी कि लगातार 75 रविवारों तक रामायण का प्रसारण हुआ था। उस दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में लॉकडाउन जैसी ही स्थिति रहती थी। न कोई दुकान खुलती थी औऱ न ही लोग सड़कों पर निकलते थे।


रामानंद सागर निर्मित रामायण का प्रसारण प्रत्येक रविवार को राष्ट्रीय टेलीविजन दूरदर्शन पर 35 मिनट के लिए होता था। इसकी लोकप्रियता इतनी थी कि जी टीवी और एनडीटीवी इमेजिन जैसे निजी चैनलों ने भी दोबारा इसका सफलतापूर्वक प्रसारण किया था। सोशल मीडिया के जरिए लगातार रामय़ण के प्रसारण की मांग उठ रही थी। 


टैग्स