नई दिल्ली: टीवी पत्रकार अंजना ओम कश्यप और खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग के मालिक फैसल खान उर्फ खान सर के बीच चल रहा विवाद अब सुलह की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी बातचीत के जरिए विवाद समाप्त करने की सलाह दी है और मामले के समाधान के लिए एक वरिष्ठ अधिवक्ता को मध्यस्थ नियुक्त किया है।
गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस तुषार राव गेडेला ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि जो नुकसान होना था, वह हो चुका है। अब दोनों पक्षों को विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय आपसी सहमति से समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि यदि वरिष्ठ मध्यस्थ की मदद ली जाए तो समझौते की संभावना बन सकती है। इसके लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राजशेखर राव को मध्यस्थ नियुक्त किया गया है।
बता दें कि अंजना ओम कश्यप और खान सर के बीच का यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक टीवी कार्यक्रम के दौरान अंजना ओम कश्यप ने यूट्यूब पर बच्चों को पढ़ाने वाले टीचर को लेकर टिप्पणी की थी। जिसके चलते मामला कोर्ट में पहुंच गया। दिल्ली हाई कोर्ट में आज इस मामले पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान अंजना ओम कश्यप की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ऋषिकेश बरुआ पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि सोशल मीडिया पर उनके मुवक्किल अंजना ओम के खिलाफ की गई कई पोस्ट मानहानिकारक थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खान सर ने अंजना ओम कश्यप के बच्चों के स्कूल के नाम को सार्वजनिक किया। अंजना को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। बरुआ ने कहा कि स्कूलों की बात नहीं करनी चाहिए थी।
इस पर अदालत ने कहा कि वह प्रतिक्रिया दे सकते थे, लेकिन आपको समझना चाहिए कि आप शिक्षाविद हैं। आपको इससे बचना चाहिए था। आप बच्चों के बारे में सार्वजनिक किए गए तथ्यों को हटाइए। उनसे बात करने की कोशिश करिए और सुनिश्चित करिए कि उन शब्दों को हटा दिया जाए। खान सर के वकील ने कहा कि पत्रकार के बच्चों के बारे में कही गई बातों को हटा लिया जाएगा लेकिन अंजना को भी टिप्पणियां बंद करनी चाहिए। अदालत ने दोनों पक्षों को साथ बैठने और मामले को निपटाने की सलाह दी।
अदालत ने खान सर की ओर से पेश वकील से कहा कि एक शिक्षक होने के नाते उन्हें संयम बरतना चाहिए था। कोर्ट ने विशेष रूप से पत्रकार के बच्चों से जुड़ी सार्वजनिक जानकारी हटाने की सलाह दी। इस पर खान सर के वकील ने अदालत को आश्वस्त किया कि पत्रकार के बच्चों से संबंधित सभी विवादित टिप्पणियां और सामग्री हटा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अंजना ओम कश्यप की ओर से भी भविष्य में इस तरह की टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए।अंत में दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को एक साथ बैठकर बातचीत के जरिए विवाद का स्थायी समाधान निकालने की सलाह दी। फिलहाल मामला मध्यस्थता की प्रक्रिया में है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि दोनों पक्ष आपसी सहमति से इस विवाद का अंत कर पाते हैं या नहीं।





